जयपुर, 01 जून (हि.स.)। राजस्थान सरकार की विकास योजनाओं और प्रशासनिक नवाचारों को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने लगी है। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि “राजस्थान विकास मॉडल” और राज्य सरकार की कई अभिनव पहल की देशभर में सराहना हो रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में राजस्थान की योजनाओं और कार्यप्रणाली को उत्कृष्ट मॉडल के रूप में सराहा गया। इसके बाद मुख्य सचिव ने राज्य के विभागों को विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को और अधिक गति से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चल रही ग्राम विकास चौपाल, ग्राम रथ अभियान, मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान, चंदन वन, माय भारत और राज उन्नति जैसी पहल राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कार्यप्रणाली के रूप में उभरकर सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि कई अन्य राज्यों ने भी इन योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि दिखाई है। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं का प्रभावी डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने और सफलता की कहानियों को संकलित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की रिफाइनरी परियोजना, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और वैकल्पिक ऊर्जा से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 30 जून तक 43 हजार पाइप्ड गैस कनेक्शन चालू करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। साथ ही, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय मजबूत करने को कहा गया।
दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में सेम्बकॉर्प समूह द्वारा प्रस्तावित मॉडल औद्योगिक पार्क परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उद्योग विभाग को निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई और खान एवं पेट्रोलियम विभाग को समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि डीरिग्यूलेशन एवं कम्प्लायंस रिडक्शन से जुड़ी राजस्थान की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ कार्यप्रणाली के रूप में सराहा गया है। इसकी नियमित मॉनिटरिंग जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन एवं संरक्षण पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाले विषयों में शामिल है।
उन्होंने कला एवं संस्कृति विभाग, संस्कृत शिक्षा विभाग और प्राच्य भाषा निदेशालय को मिशन से जुड़े कार्य प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में राजस्थान की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं, विशेष रूप से बालोतरा-पाचपदरा पाइपलाइन रेल कनेक्टिविटी से जुड़े लंबित मामलों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने रेल मंत्रालय और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर समस्याओं का शीघ्र समाधान करने को कहा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के राजस्थान दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों में 4जी कनेक्टिविटी और सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लक्ष्य रखा गया कि नवंबर तक सभी वाइब्रेंट गांवों में 4जी सेवा उपलब्ध हो जाए।
मुख्य सचिव ने सीमावर्ती जिलों में आधार आईडी के 100 प्रतिशत सत्यापन का कार्य अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रशासनिक सुधार विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और डाक विभाग को संयुक्त कार्य योजना बनाने को कहा गया। बैठक में जल संसाधन विभाग से एमपीकेसी परियोजना, आईजीएनपी ट्रिब्यूनल विजिट, यमुना जल परियोजना और सिंचाई योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
उन्होंने संबंधित विभागों को केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन, उद्योग, खान एवं पेट्रोलियम, वन एवं पर्यावरण, लोक निर्माण, खेल एवं युवा मामले तथा प्रशासनिक सुधार विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
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