एसआईआर नोटिस के बाद वृद्ध की मौत पर हंगामा, परिजनों ने सुनवाई के दबाव को ठहराया कारण

हुगली, 03 जनवरी (हि. स.)। रिषड़ा में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया है। मृतक की पहचान धनंजय चतुर्वेदी (85) के रूप में हुई है।

परिजनों का आरोप है कि एसआईआर सुनवाई के नोटिस से पैदा हुए मानसिक दबाव और भय के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी और अंततः उनकी मौत हो गई।उन्हें आगामी चार जनवरी को एसआईआर से जुड़ी सुनवाई के लिए बुलाया गया था।

उनके बेटे राजेंद्र चतुर्वेदी के अनुसार, शनिवार सुबह अचानक पिता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल रिषड़ा स्थित मातृ सदन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि वह लंबे समय से बीमार भी चल रहे थे।

राजेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पिता पहले बड़ा बाजार स्थित एक स्कूल में कार्यरत थे। 29 दिसंबर को बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ओर से सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद से ही वह बेहद चिंतित रहने लगे थे। उन्होंने कहा कि पिता पहले रवींद्र सारणी में रहते थे और अब एनएस रोड के एक फ्लैट में रह रहे थे। मुझे खुद पांच जनवरी को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। समझ में नहीं आता कि चुनाव आयोग बूढ़े और बीमार लोगों को क्यों परेशान कर रहा है। सभी जरूरी दस्तावेज होने के बावजूद सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। रिषड़ा नगरपालिका के चेयरमैन विजय सागर मिश्रा ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि इतनी उम्र में भी किसी व्यक्ति से उसकी भारतीय नागरिकता का प्रमाण मांगा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

   

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