ऊर्जा सचिव ने की आरएमएस, ईआरपी, सी-एसओसी एवं ‘सुविधा बिहार’ ऐप की समीक्षा

पटना, 06 जुलाई (हि.स.)। ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) अजय यादव ने सोमवार को राजस्व प्रबंधन प्रणाली (आरएमएस), एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी), 'सुविधा बिहार' ऐप, साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर तथा अन्य डिजिटल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल सहित बिहार विद्युत कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ऊर्जा सचिव ने कहा कि डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

बैठक में राजस्व प्रबंधन प्रणाली (आरएमएस) के माध्यम से राजस्व संग्रहण, बिलिंग, बकाया वसूली और वित्तीय निगरानी से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। वहीं एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) के तहत मानव संसाधन, वित्त, सामग्री प्रबंधन, खरीद, लेखा तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के एकीकृत डिजिटल संचालन की प्रगति का भी आकलन किया गया।

ऊर्जा सचिव ने 'सुविधा बिहार' ऐप के जरिए उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं, शिकायत निवारण, बिजली बिल भुगतान, नए विद्युत कनेक्शन तथा अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सेवाएं डिजिटल माध्यम से सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाई जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

बैठक में साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान बिजली क्षेत्र से जुड़े सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और परिचालन प्रौद्योगिकी (ओटी) नेटवर्क की चौबीस घंटे और सातों दिन (24×7) साइबर निगरानी, संभावित साइबर खतरों की समय रहते पहचान, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और सूचना सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

अजय यादव ने अधिकारियों से सभी डिजिटल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने को कहा, ताकि तकनीक आधारित सेवाओं का लाभ शीघ्रता से उपभोक्ताओं तक पहुंचे और राज्य में विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता, दक्षता तथा पारदर्शिता में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।

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