टीबी से जूझते नौनिहालों के चेहरे खिल उठे, ठाणे मेयर ने बढ़ाया हौंसला
- DSS Admin
- Jun 22, 2026
मुंबई ,22 जून (हि. स.) । 3 वर्ष से 16 साल के नौनिहाल (बच्चे )जो टीबी से जूझ रहे हैं। उन्हें खुश होना चाहिए.. उनकी इच्छाएं पूरी होनी चाहिए.. साथ ही, उन बच्चों को जो चाहिए था, यानी उनकी ‘विश’, उसे मिलने की खुशी आज ठाणे महानगर पालिका मुख्यालय में सभी ने देखी। मौका था ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और मेक अ विश फाउंडेशन के ऑर्गनाइज़ किए गए एक प्रोग्राम का। मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने इस सराहनीय पहल को लागू करने के लिए मनपा के स्वास्थ विभाग और मेक अ विश फाउंडेशन की तारीफ़ की।
ठाणे महानगर पालिका मुख्यालय में यह प्रोग्राम ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट और मेक अ विश फाउंडेशन ने नरेंद्र बल्लाल हॉल में आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में मेयर शर्मिला पिंपोलकर, डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल, हाउस लीडर हनमंत जगदाले, सीनियर कॉर्पोरेटर राम रेपाले, शिवसेना ग्रुप लीडर पवन कदम, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी अजीत पवार ग्रुप लीडर नजीब मुल्ला, कॉर्पोरेटर सहर शेख, चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रसाद पाटिल, मदर एंड चाइल्ड केयर ऑफिसर डॉ. वर्षा ससाने वगैरह मौजूद थे।
यह पहल समाज में टीबी से जूझ रहे जरूरतमंदों और इस बीमारी से जूझ रहे 3 से 16 साल के बच्चों के चेहरों पर खुशी लाने के लिए शुरू की गई थी। टीबी सिर्फ एक शारीरिक बीमारी नहीं है, बल्कि यह मरीज और उनके परिवार के लिए मानसिक, सामाजिक और फाइनेंशियल चुनौतियां भी खड़ी करती है। ऐसे में इलाज के साथ-साथ प्यार, स्नेह, हौसला और खुशी भी उतनी ही जरूरी है। मेक ए विश फाउंडेशन की स्मिता पाटिल ने बताया कि इन बच्चों की छोटी-छोटी ख्वाहिशें पूरी करके उन्हें नई उम्मीद और नई उम्मीद दी जा रही है। इन बच्चों से बातचीत करने के बाद, उन्हें उनकी उम्र के हिसाब से ज़रूरी चीज़ें दी गईं, जैसे साइकिल, लैपटॉप, मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट वॉच, क्रिकेट किट वगैरह। इन बच्चों को ये चीज़ें बांटी गईं।
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