विजिलेंस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाला गिरफ्तार

फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने के गिरफ्तार आरोपित कुलदीप शर्मा के पास से बरामद नीली बत्ती लगी कार।

- गिरफ्तार आरोपित के पास से नीली बत्ती लगी कार, मोबाइल फर्जी आईडी व आधार कार्ड बरामद

मुरादाबाद, 18 मार्च (हि.स.)। थाना सिविल लाइन पुलिस ने फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने के आरोपित को बुधवार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नीली बत्ती लगी कार, मोबाइल, फर्जी आईडी व आधार कार्ड बरामद किया है।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह और सीओ कुलदीप गुप्ता ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारवार्ता की। उन्हाेंने बताया कि जिला बुलंदशहर के मोहल्ला शरीफातउल्लाह निवासी कुलदीप कुमार शर्मा को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। वह वर्तमान में मेरठ जनपद के थाना पल्लवपुरम में किराए पर रह रहा था।

आरोपित कुलदीप ने स्वीकारा कि वह कोई विजिलेंस अधिकारी नहीं है। विजिलेंस अधिकारी का फर्जी आईडी कार्ड बना रखा है। अपनी कार पर फ्लैशर लाईट भी फर्जी लगा रखी है। इसके जरिए वह अपने आपको बड़ा अधिकारी बताकर लोगों के जमीन व रुपयों के लेनदेन के मामलों के निपटारा करवाता है। इसी बहाने वह उन लोगों से अच्छी रकम ऐंठता हैं। उसने किसी का अपहरण नहीं किया है। उसे किसी से जानकारी हुई थी कि सुहैल अहमद और आफाक अहमद आदि का बिजनौर में आपस में जमीन काे लेकर विवाद चल रहा है। यदि इनका विवाद निपटा देगा ताे उसके एवज में उसे अच्छी रकम मिल सकती है। इसीलिए मैंने इन लोगों से सम्पर्क करके अपने आपको विजिलेंस का उच्च अधिकारी बताकर इन लोगों का समझौता कराने की बात की थी।

सात मार्च को सुहैल अहमद के कहने पर मैं सुहैल अहमद को अपनी गाडी में बैठाकर दूसरे पक्ष आफाक अहमद, औसाफ अहमद पुत्र अशफाक अहमद, भोला पुत्र आफाक, जामि पुत्र औसाफ, मुनीर पुत्र फारूक, खालिद निसार पुत्र नामालूम निवासी नगीना बिजनौर के साथ समझौता कराने की बात करने के लिये बिजनौर लेकर गया था। वहां पर मैने अपने फर्जी पद का प्रभाव दिखाते हुए इन लोगों का आपस में समझौता कराया था। यह लोग जमीन के विवाद को खत्म करके जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिये रजिस्ट्री कार्यालय चले भी गये थे। परन्तु फैसलेनामे में लिखे कुछ बिन्दुओं को लेकर दोनों पक्षों की बात फिर बिगड़ गयी थी।

सुहैल अहमद ने फैसला अपने पक्ष न होता देख पुलिस को फोन करके बुला लिया था, चूंकि मैंने इन लोगों को विजिलेंस का बड़ा अधिकारी होने की फर्जी आईडी दिखाई थी इसीलिए पुलिस की डर से मैं वहां से निकल आया था । यह बात सही है कि मैने फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके फर्जी अधिकारी बनकर इन लोगों के साथ धोखाधडी की हैं, परन्तु मैनें किसी का कोई अपहरण नहीं किया है।

पुलिस अधिकारियाें ने बताया कि 10 मार्च को थाना कटघर क्षेत्र के एमडीए कॉलोनी निवासी सोहेल अहमद ने मुकदमा दर्ज कराया था।इसमें उसने खुद के अपहरण करने का मामला दिखाया था। इस मामले में एक आराेपित पकड़ा गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

   

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