कृषक पंजीकरण प्रक्रिया तेज करने का निर्देश, कृषि मंत्री पीयूष ने जिला आयुक्तों के साथ की बैठक

गुवाहाटी, 22 जून (हि.स.)। असम के कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने सोमवार को जनता भवन स्थित अपने कार्यालय से राज्य के विभिन्न जिलों के जिला आयुक्तों एवं जिला कृषि अधिकारियों के साथ एक विस्तृत वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के पट्टाधारकों के डिजिटलीकरण, फार्मर रजिस्ट्री (एफआर) आईडी सृजन, एग्री स्टैक के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत धान खरीद व्यवस्था, लघु चाय उत्पादकों एवं निजी भूमि पर खेती करने वाले किसानों के पंजीकरण, गांव आधारित हायरार्की मैपिंग, जिला स्तर पर किसान पहचान पत्र निर्माण तथा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई।

कृषि मंत्री ने राज्यभर में किसानों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि असम के लगभग 50 लाख किसान परिवारों को पंजीकरण के दायरे में लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य की दो करोड़ से अधिक आबादी कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है। इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला आयुक्तों और जिला कृषि अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में पंजीकरण अभियान को और अधिक गति देने के निर्देश दिए।

हजारिका ने कहा कि किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए जिला प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्मरण कराया कि समय पर पंजीकरण होने से ही किसान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त कर सकेंगे।

बैठक में मंत्री ने एनएमईओ-ओपी कार्यक्रम के तहत ऑयल पाम की खेती के विस्तार में सक्रिय सहयोग देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मंत्री ने कृषि क्षेत्र की परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, आंकड़ों के सटीक समेकन तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी बल दिया। उन्होंने किसान-केंद्रित, प्रौद्योगिकी आधारित और अधिक पारदर्शी कृषि व्यवस्था विकसित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में कृषि विभाग की आयुक्त एवं सचिव अरुणा राजोरिया, भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशक कैलाश कार्तिक तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

-----------

   

सम्बंधित खबर