फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब 40 लाख की सरकारी राशि हड़पने का आरोप, 9 लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
जबलपुर, 03 जून (हि.स.)। पाटन क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों और कथित जाली किसान सदस्यों के माध्यम से सरकारी सहायता राशि हड़पने का मामला सामने आया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सहायक संचालक रवि कुमार आम्रवंशी की शिकायत पर पाटन थाना पुलिस ने बेगमगंज सीड प्रोड्यूसर लिमिटेड कंपनी से जुड़े 9 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी एवं जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया है।
बुधवार को पुलिस ने बताया कि कलेक्टर की स्वीकृति के बाद दर्ज किए गए मामले में कंपनी के छह संचालकों सचिन दुबे, रंजना पाण्डे, संदीप दुबे, अंशुल बर्मन, नेहा पाण्डे और उमा सिंह के साथ-साथ प्रबंधक मनीष चौरसिया, लेखापाल कमलेश साहू तथा कंप्यूटर ऑपरेटर नीलेश विश्वकर्मा को आरोपी बनाया गया है। सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच दल को मिले दस्तावेजों के अनुसार कंपनी में प्रबंधक, लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्तियां बिना किसी वैधानिक बैठक, प्रस्ताव अथवा स्वीकृति के किए जाने के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी पाया गया कि नियुक्ति आदेशों पर तिथि अंकित नहीं थी तथा विभिन्न दस्तावेजों में किए गए हस्ताक्षरों में भी असंगतियां पाई गईं। अधिकारियों ने इन्हें नियम विरुद्ध और संदिग्ध माना है।
सरकारी उपार्जन कार्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक वित्तीय पात्रता दर्शाने हेतु कंपनी द्वारा आईसीआईसीआई बैंक का एक खाता प्रस्तुत किया गया था। जांच के दौरान बैंक से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि संबंधित खाता कंपनी के नाम पर संचालित नहीं था। इसके अतिरिक्त प्रस्तुत किसान सदस्य सूची में भी कई आवश्यक जानकारियां अनुपस्थित पाई गईं।
जांच के दौरान अधिकारियों ने कंपनी द्वारा प्रस्तुत सदस्य सूची में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। कई लोगों ने कंपनी की सदस्यता से अनभिज्ञता जताई। इसके बाद मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, जबलपुर की रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने का दावा किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार प्रासंगिक व्यय, हैंडलिंग शुल्क और कमीशन के नाम पर लगभग 39.67 लाख रुपये की सरकारी सहायता राशि कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त की गई।
शिकायत प्राप्त होने के बाद पाटन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम आरोपियों की भूमिका, दस्तावेजों की सत्यता तथा राशि के उपयोग से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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