राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता व हरियाली में यूपी के 11 विद्यालयों का हुआ चयन

लखनऊ, 17 जून (हि.स.)। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित की है। भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26 में प्रदेश के 11 विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। इनमें 06 परिषदीय विद्यालय और 02 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल हैं। दो अन्य श्रेणी के विद्यालय और एक निजी विद्यालय हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय अब केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विद्यालयी वातावरण तैयार करने में भी देशभर में मिसाल बन रहे हैं।

परिषदीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय मंच पर दर्ज कराई मजबूत उपस्थिति

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यालयों में संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमवी कन्या गंछापा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36) तथा सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55) शामिल हैं। श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी ( रैंक 9) और जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच (रैंक 14) भी राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाने में सफल रहे हैं।

इसके अलावा प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी (रैंक 31) और वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर (रैंक 46) भी शामिल हैं। वहीं निजी विद्यालय श्रेणी में मेरठ के दयावती मोदी अकादमी-1 (रैंक 4) ने स्थान बनाया है। राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 20 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए भेजा गया था, जिनमें से 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाया। देशभर से कुल 191 विद्यालयों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यालयों को शीघ्र सम्मानित करने का निर्णय लिया है, ताकि अन्य विद्यालय भी स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

बच्चों को मिल रहा स्वच्छ और प्रेरक शिक्षण वातावरण

वरिष्ठ विशेषज्ञ, निर्माण श्याम किशोर तिवारी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा- “यह सफलता प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से अन्य विद्यालयों को भी प्रेरणा मिलेगी और प्रदेश में स्वच्छ, हरित तथा गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी वातावरण के निर्माण को और गति मिलेगी। यह उपलब्धि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।”

   

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