अमर शहीद श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राज्यपाल ने असम के वीर सपूतों को दी श्रद्धांजलि

गुवाहाटी, 08 जून, (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को असम राज्य युद्ध स्मारक, दिघलीपुखुरी तथा डॉन बॉस्को हाई स्कूल, पानबाजार में सैनिक कल्याण निदेशालय, असम द्वारा आयोजित “अमर शहीद श्रद्धांजलि” कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले असम के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीदों का नमन् करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश अपने उन वीर सपूतों और बेटियों का सदैव ऋणी रहेगा जिन्होंने राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल कठिन और विविध परिस्थितियों में भी साहस, अनुशासन और समर्पण की सर्वोच्च परंपराओं का निर्वहन करते हुए देश की सुरक्षा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस विचार का उल्लेख करते हुए कि सशस्त्र बल केवल सीमाओं की ही नहीं बल्कि देशवासियों की आकांक्षाओं और भविष्य की भी रक्षा करते हैं, राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सैनिक राष्ट्र की शक्ति, चरित्र और अटूट संकल्प के प्रतीक हैं।

कार्यक्रम के दौरान छह वीर नारियों ने अपने शहीद पतियों को पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने उनसे संवाद कर उनके साहस, धैर्य और त्याग के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वीर नारियों का समर्पण और दृढ़ता समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, सेवारत रक्षा कर्मियों, एनसीसी कैडेटों तथा विद्यार्थियों ने भाग लेकर असम के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने नागरिकों से राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने तथा शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही राष्ट्र के अमर वीरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम में पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता (सेवानिवृत्त), मेजर जनरल अजय कुमार शर्मा, वीएसएम, जीओसी मुख्यालय 51 सब एरिया, सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर पलाश चौधरी, डॉन बॉस्को हाई स्कूल के प्राचार्य फादर एलेक्स मैथ्यू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

बाद में राज्यपाल ने डॉन बॉस्को हाई स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें देशभक्ति, अनुशासन तथा राष्ट्रसेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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