गोविंददेवजी मंदिर में निर्जला एकादशी पर भक्तों के लिए खास इंतजाम
- DSS Admin
- Jun 23, 2026
जयपुर, 23 जून (हि.स.)। निर्जला एकादशी पर 25 जून को आराध्य देव श्री गोविंददेवजी मंदिर में उमड़ने वाली विशाल श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। भीषण गर्मी और संभावित रिकॉर्ड भीड़ के मद्देनजर इस बार होली और देवउठनी एकादशी की तर्ज पर विशेष ‘क्राउड मैनेजमेंट प्लान’ लागू किया जाएगा। श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए प्रमुख झांकियों का समय बढ़ाया गया है।
गोविंद देवजी मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार निर्जला एकादशी पर सबसे अधिक भीड़ मंगला और धूप झांकी में रहती है। इसे देखते हुए मंगला झांकी प्रातः 4 बजे से 6:30 बजे तक ढाई घंटे और धूप झांकी सुबह 7 बजे से 9 बजे तक दो घंटे खुली रहेगी। इसके अलावा श्रृंगार झांकी सुबह 9:30 से 10:15 बजे, राजभोग 10:45 से 11:15 बजे, ग्वाल 11:15 से 11:45 बजे, संध्या झांकी शाम 4:30 से 5:15 बजे तथा शयन झांकी शाम 5:45 से 7:15 बजे एवं रात्रि 7:45 से 8:15 बजे तक होगी।
वहीं निर्जला एकादशी पर दोपहर में विशेष जलयात्रा झांकी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें ठाकुरजी शीतल जल फव्वारों के बीच भक्तों को दर्शन देंगे।
मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं को जलेब चौक स्थित मुख्य द्वार से प्रवेश दिया जाएगा, जबकि दर्शन के बाद निकासी जय निवास उद्यान की ओर से होगी, ताकि आमने-सामने की भीड़ से बचा जा सके। मंदिर परिसर में इस बार निशुल्क जूता घर बंद रहेगा। जूता-चप्पल पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं और नंगे पैर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। जूते पहनकर आने वाले भक्त मंदिर के बाहर बने रैंप से दर्शन कर सकेंगे, जबकि नंगे पैर आने वाले श्रद्धालुओं को जगमोहन में प्रवेश की अनुमति होगी।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से बैग, थैला और लेडीज पर्स साथ नहीं लाने की अपील की है। महिलाओं से सोने-चांदी के कीमती आभूषण पहनकर नहीं आने का आग्रह किया गया है। मंदिर परिसर और आसपास पुलिस बल तथा स्वयंसेवकों की तैनाती रहेगी। संदिग्ध व्यक्ति अथवा लावारिस वस्तु दिखाई देने पर तत्काल मंदिर प्रशासन या माणक चौक थाना पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
वहीं भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए प्रशासन ने बुजुर्गों, मरीजों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित श्रद्धालुओं से भीड़ से बचने की अपील की है। श्रद्धालुओं को मटके में जल भरकर लाने तथा अपने साथ पानी की बोतल रखने की सलाह दी गई है।
निर्जला एकादशी पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि भक्तों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज दर्शन का लाभ मिल सके।
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