गुरुग्राम: एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय की दिशा में बढ़ेगा हरियाणा: नायब सैनी
- Vijesh Sharma
- Jun 01, 2026


हरियाणा एआई सैंडबॉक्स से विभागीय चुनौतियों के तकनीक आधारित समाधान तलाशे जाएंगे
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में एआई सेंडबॉक्स का किया लोकार्पण
गुरुग्राम, 01 जून । मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म शासन, विकास व नवाचार की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय की दिशा में हरियाणा प्रदेश और तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम ताज होटल सभागार में आधुनिकतम तकनीक पर केंद्रित एआई सेंडबॉक्स के लोकार्पण उपरांत उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई सुशासन व एआई अंत्योदय के साथ एआई हरियाणा की इस यात्रा में सहभागी बनते हुए सभी ने मिलकर आधुनिक स्वरूप के साथ विकसित भारत के सपने को साकार करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एआई सैंडबॉक्स का निर्माण भी इसी सोच और दृष्टिकोण के साथ किया गया है। इस मंच पर विभिन्न विभाग अपनी वास्तविक चुनौतियों और समस्याओं को लेकर आएंगे, जबकि नवाचार उद्यमी, शोधकर्ता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा तकनीकी कंपनियां उनके समाधान प्रस्तुत करेंगी।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की यात्रा में हरियाणा एक सशक्त और अथक विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए कोई आवेदन केवल एक फाइल या प्रक्रिया नहीं होता, बल्कि उसके पीछे किसी परिवार की आशाएं, अपेक्षाएं और बेहतर भविष्य का सपना जुड़ा होता है। इसलिए राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील, जनोन्मुखी, पारदर्शी और जवाबदेह बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) चर्चा का प्रमुख विषय है, लेकिन हरियाणा के लिए यह केवल एक प्रचलित शब्द या आधुनिक तकनीकी अवधारणा नहीं है। राज्य सरकार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अर्थ ‘अंत्योदय के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ है। नायब सैनी ने कहा कि एआई तकनीक का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ एप के माध्यम से यदि तस्वीर और स्थान की जानकारी के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान हो जाए, तो मरम्मत कार्य तेजी से किया जा सकेगा। शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से शिक्षकों की आवश्यकता, कमी और बेहतर तैनाती की योजना बनाई जा सकेगी, जिससे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ.राज नेहरू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव , हार्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक डॉ. जे. गणेशन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

