विश्व दुग्ध दिवस-2026: लुवास में ‘महिला डेयरी किसानों के योगदान’ पर विशेष कार्यक्रम
- Vijesh Sharma
- Jun 01, 2026

हिसार, 01 जून
। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के दुग्ध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में विश्व दुग्ध दिवस-2026 मनाया गया।
इस वर्ष विश्व दुग्ध दिवस की वैश्विक थीम ‘महिला
डेयरी किसानों के योगदान का उत्सव’ रही। इस थीम के माध्यम से डेयरी
क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, आर्थिक सशक्तिकरण, सतत डेयरी प्रबंधन, पोषण
सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने
का संदेश दिया गया।
विश्वविद्यालय के
कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में साेमवार काे आयोजित इस कार्यक्रम में दुग्ध
एवं दुग्ध उत्पादों के पोषण संबंधी महत्व, डेयरी उद्योग के सामाजिक-आर्थिक योगदान तथा
महिला डेयरी किसानों की उपलब्धियों पर विशेष प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि डेयरी
क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक सशक्त आधार है, जो लाखों परिवारों की आजीविका का
प्रमुख स्रोत होने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और परिवारों
के पोषण स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्य अतिथि अधिष्ठाता
डॉ. शरणगौड़ा बी. पाटिल ने विश्व दुग्ध दिवस-2026 की थीम ‘महिला डेयरी किसानों के योगदान
का उत्सव’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका
केवल पशुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे दुग्ध उत्पादन, प्रबंधन, विपणन तथा परिवार
के पोषण स्तर को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
डॉ. संजय यादव ने
बताया कि विश्व दुग्ध दिवस प्रतिवर्ष एक जून को विश्वभर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य
मानव जीवन में दूध एवं दुग्ध उत्पादों के महत्व को रेखांकित करना तथा स्वास्थ्य, पोषण,
रोजगार सृजन एवं सतत कृषि विकास में डेयरी क्षेत्र के योगदान के प्रति समाज को जागरूक
करना है।
विशिष्ट अतिथि संजीव
गुलिया ने अमूल की सफलता, सहकारी दुग्ध आंदोलन तथा भारतीय डेयरी उद्योग के विकास में
उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। लुवास के पूर्व छात्र (एलुमनाई)
होने के नाते उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें उद्योग
की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा डेयरी क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक
संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय
एवं महाविद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें डेयरी प्रोफेशनल
प्रश्नोत्तरी तथा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों
ने डेयरी विज्ञान, पोषण, दुग्ध उत्पादन एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर अपनी
रचनात्मकता और ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
डेयरी प्रोफेशनल
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के सफल संचालन में डॉ. तेजिन्दर एवं डॉ. रचना की महत्वपूर्ण
भूमिका रही। प्रतियोगिता में खुशी एवं मान्शू की टीम ने प्रथम, खुशी मेहरा एवं नरेंद्र
की टीम ने द्वितीय तथा स्वप्न एवं पिकनिक की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर
मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. रूबी सिवाच एवं डॉ. शालिनी के निर्देशन में किया गया।
प्रतियोगिता में खुशी सिहाग ने प्रथम, संजना ने द्वितीय तथा अंकिता (वीएलडीडी) एवं
पूजा (सीओडीएसटी) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेता प्रतिभागियों
को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समन्वय का
दायित्व डॉ. वंदना चौधरी ने किया जबकि मंच संचालन दुग्ध प्रौद्योगिकी तृतीय वर्ष की
छात्राओं खुशी एवं पिकनिक ने किया।
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