हाथियों पर अब हाईटेक निगरानी, कटघोरा वनमंडल में लगेंगे ई-आई टावर कैमरे
- DSS Admin
- May 23, 2026
कोरबा, 23 मई (हि.स.)। जिले के कटघोरा वनमंडल में लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी द्वंद्व और ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही से होने वाली जनहानि एवं फसल नुकसान की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
जंगलों में हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए ई-आई टावर कैमरा प्रणाली स्थापित की जा रही है।
वन विभाग की इस नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी की समय रहते जानकारी मिल सकेगी, जिससे गांवों में सतर्कता बढ़ेगी और संभावित अप्रिय घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। कटघोरा वनमंडल में कुल चार स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरा प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिनमें केंदई वन परिक्षेत्र के दो संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं।
केंदई वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे ने बताया कि केंदई रेंज अंतर्गत रोदे पहाड़ (ढंगबोरा) एवं कापनवापारा क्षेत्र में ई-आई टावर कैमरा का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन कैमरों की निगरानी क्षमता लगभग पांच किलोमीटर तक होगी। यह प्रणाली दिन और रात दोनों समय प्रभावी रूप से कार्य करेगी तथा हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी।
उन्होंने बताया कि कैमरों से प्राप्त जानकारी सीधे नियंत्रण कक्ष, वन अमले एवं हाथी मित्र दल तक पहुंचेगी। जैसे ही हाथियों की गतिविधि किसी गांव या आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ती दिखाई देगी, तत्काल संबंधित गांवों को अलर्ट किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को पहले से सूचना मिल सकेगी और वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर आवश्यक सावधानी बरत सकेंगे।
वन विभाग का मानना है कि यह तकनीक मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। पिछले कुछ वर्षों में कटघोरा वनमंडल के कई गांवों में हाथियों के प्रवेश से फसल नुकसान, मकान क्षति तथा जनहानि की घटनाएं सामने आती रही हैं। खासकर केंदई क्षेत्र से लगे गांव हाथियों की लगातार आवाजाही से अधिक प्रभावित रहे हैं। ऐसे में ई-आई टावर कैमरा प्रणाली ग्रामीणों के लिए राहत और सुरक्षा की नई उम्मीद बनकर सामने आई है।
वनमंडलाधिकारी निशांत कुमार ने कहा कि, मानव-हाथी द्वंद्व को कम करना वन विभाग की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी, जिससे समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया जा सके। उन्होंने कहा कि ई-आई टावर कैमरा प्रणाली से न केवल जनहानि और फसल नुकसान की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
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