वायरल वीडियो के बाद एचआरटीसी कंडक्टर गीतानंद की तारादेवी से नेरवा यूनिट में तैनाती

शिमला, 05 जुलाई (हि.स.)। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के परिचालक गीतानंद को तारादेवी यूनिट से फिर नेरवा यूनिट में तैनात कर दिया गया है। एचआरटीसी के डिप्टी डिविजनल मैनेजर तारादेवी यूनिट-01 ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार 22 नवंबर 2025 को जारी उस कार्यालय आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसके तहत गीतानंद का मुख्यालय तारादेवी तय किया गया था। अब उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से नेरवा यूनिट में कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत नेरवा अड्डा प्रभारी के पास रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह आदेश उस समय आया है, जब कुछ दिन पहले गीतानंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने एचआरटीसी की कार्यप्रणाली और विभागीय प्रबंधन पर सवाल उठाए थे। कैमरे के सामने वह भावुक हो गए थे और उन्होंने यहां तक कह दिया था कि यदि विभाग उन्हें दोषी मानता है तो उन्हें निलंबित कर दिया जाए या नौकरी से हटा दिया जाए।

टिकट जांच के बाद सामने आया था पूरा मामला

यह मामला शिमला से रिकांगपियो जा रही एचआरटीसी की बस में हुई टिकट जांच से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार फ्लाइंग स्क्वाड ने बस की जांच के दौरान एक यात्री को बिना टिकट पाया था। इसके बाद परिचालक गीतानंद के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी घटना के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। वीडियो में उनका कहना था कि बस में 48 यात्री सवार थे और उन्होंने सभी से कई बार पूछा था कि कोई बिना टिकट तो नहीं है। उनके अनुसार जिस यात्री के पास टिकट नहीं मिली, वह कुछ देर पहले ही बस में चढ़ा था और टिकट बनने से पहले ही जांच हो गई। उनका आरोप था कि गलती यात्री की थी, फिर भी कार्रवाई उनके खिलाफ की जा रही है। बस में मौजूद कई यात्रियों ने भी गीतानंद का समर्थन किया था। यात्रियों का कहना था कि यदि किसी यात्री ने बिना टिकट यात्रा की है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जिस कर्मचारी की गलती नहीं है, उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

वीडियो में सुनाई थी अपनी परेशानी

वीडियो में गीतानंद ने अपनी आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें करीब 12 हजार रुपये वेतन मिलता है और कई बार पांच हजार रुपये तक की रिकवरी डाल दी जाती है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। गीतानंद ने यह भी कहा था कि नेरवा में पहले उनके खिलाफ 280 रुपये की कथित गलत रिपोर्ट बनाई गई थी, जिसके आधार पर उन पर 14 हजार रुपये की रिकवरी डाली गई। उनका कहना था कि उसी मामले के बाद उन्हें नेरवा से हटाकर तारादेवी में तैनात किया गया था। वीडियो में उन्होंने कहा था कि वह कोई चोर नहीं हैं और पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करते हैं। उनका भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और इस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

जांच के आदेश के बीच अब फिर बदला मुख्यालय

वीडियो सामने आने के बाद एचआरटीसी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे थे। मामले के तूल पकड़ने पर निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। अब जांच की प्रक्रिया के बीच एचआरटीसी ने गीतानंद को फिर नेरवा यूनिट में तैनात करने का आदेश जारी किया है। हालांकि, कार्यालय आदेश में इस बदलाव की कोई वजह नहीं बताई गई है। निगम की ओर से भी यह नहीं कहा गया है कि यह फैसला वायरल वीडियो या चल रही जांच से जुड़ा है।

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