गुजरात में मानसून की परिस्थितियां बनीं, सबसे अधिक सूरत में 2.60 इंच बारिश
- DSS Admin
- Jun 30, 2026

सूरत/गांधीनगर, 30 जून (हि.स.)। गुजरात में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। मंगलवार सुबह से ही राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया। ऊना, तापी के व्यारा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 33 तालुकाओं में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक सूरत में 2.60 इंच बारिश हुई, जबकि सबसे कम वलसाड के धरमपुर में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले दो दिनों में मानसून राज्य के और अधिक हिस्सों में पहुंचेगा और इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में पूरे गुजरात को अपनी चपेट में ले लेगा। वहीं, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।
सूरत में करीब 15 दिनों के लंबे इंतजार के बाद देर रात हुई तेज बारिश के साथ मानसून का विधिवत आगमन हो गया। जहांगीरपुरा, अडाजन, पाल सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली तथा मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, मानसून की पहली ही तेज बारिश ने सूरत महानगरपालिका (एसएमसी) की प्री-मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। उधना-नवसारी रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
उधना और डिंडोली को जोड़ने वाले भीमनगर अंडरपास में ड्रेनेज लाइन जाम होने से गंदा पानी भर गया और पूरा अंडरपास जलमग्न हो गया। जल
भराव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद पड़ गए, जिससे उधना से सचिन जाने वाले मुख्य मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सचिन जीआईडीसी की ओर जाने वाले हजारों कर्मचारी घंटों तक जाम में फंसे रहे।
वराछा की ईश्वर कृपा सोसायटी में भारी बारिश के कारण एक बड़ा पेड़ गिर गया। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हर साल बारिश के दौरान होने वाले जलभराव और महानगर पालिका के दावों के बावजूद प्रभावी व्यवस्थाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
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