पिता थे विधायक, बेटी बनी मंत्री : बलागढ़ की सुमना सरकार ने ली राज्य मंत्री पद की शपथ
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
हुगली, 01 जून (हि. स.)। राजनीति में विरासत तभी सार्थक होती है जब उसे जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया जाए। बलागढ़ की भाजपा विधायक सुमना सरकार ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेकर अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत की। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कहा कि यदि आज उनके माता-पिता जीवित होते तो बेहद खुश होते। उन्होंने स्वीकार किया कि मंत्री बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं।
बलागढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरीं सुमना सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और हुगली जिला परिषद के सभाधिपति रंजन धारा को करीब 43 हजार मतों से पराजित कर विधानसभा पहुंची थीं। पहली बार विधायक बनने के बाद अब उन्हें राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह के बाद सुमना सरकार सीधे अपने ससुराल त्रिवेणी पहुंचीं। वहां पड़ोसियों, रिश्तेदारों और समर्थकों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका स्वागत किया। मंत्री बनने की खुशी पूरे परिवार और इलाके में साफ दिखाई दी।
सुमना सरकार के पिता बीरेन सरकार वर्ष 1971 से 1977 तक कांग्रेस के विधायक रहे थे। उनकी मां का नाम गीता सरकार था। सुमना का कहना है कि बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को जनसेवा करते देखा और वहीं से उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा मिली। वह अपने पिता के अधूरे सपनों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सुमना सरकार का रिकॉर्ड उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय से संगीत और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की डिग्री प्राप्त की है। उनका पैतृक घर बलागढ़ के सोमरा मध्यपाड़ा में है, जबकि विवाह के बाद वह त्रिवेणी के शिवपुर हाजरा पाड़ा परिवार से जुड़ीं। उनके परिवार में सास निभा सरकार, पति विद्युत सरकार और पुत्र शुभायु सरकार हैं। उनके पति व्यवसायी हैं और पुत्र नौवीं कक्षा में अध्ययनरत है।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से की थी। पार्टी में रहते हुए उन्होंने कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2013 से 2018 तक वह हुगली जिला परिषद की सदस्य रहीं और बाद में जिला परिषद की सह-सभाधिपति भी बनीं। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने मुकुल राय के नेतृत्व में भाजपा का दामन थाम लिया।
सुमना सरकार ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद मुझे करीब 43 हजार मतों से जीत मिली। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे मंत्री बनने का अवसर मिलेगा। रविवार रात को ही मुझे इसकी सूचना मिली। खुशी के इस क्षण में मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। पार्टी ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।
उन्होंने कहा कि बलागढ़ की जनता के आशीर्वाद से वह विधायक बनीं और अब मंत्री पद की शपथ लेने के साथ उन्होंने क्षेत्र के विकास का भी संकल्प लिया है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पैतृक भूमि के संरक्षण, गंगा कटाव की समस्या, पेयजल संकट, फूल उद्योग, नाव निर्माण उद्योग और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि बलागढ़ में प्रस्तावित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के निर्माण से हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में व्यापार तथा आधारभूत संरचना का विकास होगा।
सुमना सरकार की सास निभा सरकार ने कहा कि मैंने कभी भी सुमना को केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं रखा। मेरी हमेशा इच्छा थी कि वह जीवन में कुछ बड़ा करें। आज उनके मंत्री बनने से हम सभी बहुत खुश हैं।
पिता की राजनीतिक विरासत, वर्षों का जनसंपर्क, संगठनात्मक अनुभव और जनता का विश्वास—इन सबके बल पर सुमना सरकार ने विधायक से मंत्री तक का सफर तय किया है। अब बलागढ़ की जनता को उनसे विकास और सुशासन की नई उम्मीदें हैं।
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