भागलपुर, 09 जून (हि.स.)। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता दिवस मनाया गया।
यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय रेलवे संघ के वैश्विक सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य रेलवे समपारों पर सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देना तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है।
मनीष कुमार गुप्ता मंडल रेल प्रबंधक मालदा के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम ताराचंद वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी मालदा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। यह जागरूकता अभियान मंडल के सभी समपार फाटकों पर चलाया गया, जिसमें मालदा टाउन–न्यू फरक्का, न्यू फरक्का–जंगीपुर रोड, न्यू फरक्का–साहिबगंज, साहिबगंज–भागलपुर, भागलपुर–किऊल तथा भागलपुर–गोड्डा खंड शामिल थे।
इस अवसर पर समपार फाटकों पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सहयोग से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी, मालदा द्वारा किया गया। स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय निवासियों एवं सड़क उपयोगकर्ताओं को रेलवे सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण संदेश प्रभावी ढंग से प्रदान किए गए। अभियान के दौरान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी, मालदा ने स्थानीय लोगों एवं क्षेत्रवासियों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर समपार फाटकों पर अनधिकृत रूप से रेलवे लाइन पार करने के खतरों के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर सड़क उपयोगकर्ताओं के बीच सुरक्षा संबंधी पंपलेट भी व्यापक रूप से वितरित किए गए, जिनमें समपार फाटकों पर अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों का उल्लेख किया गया था। पंपलेटों के माध्यम से लोगों को बताया गया कि फाटक बंद होने अथवा बंद होने की प्रक्रिया में होने पर उन्हें रुकना चाहिए, फाटक के बैरियर से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए, फाटक पूर्ण रूप से खुलने के बाद ही उसे पार करना चाहिए तथा रेलवे लाइन पार करते समय मोबाइल फोन अथवा ईयरफोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मालदा मंडल में वर्तमान में कुल 103 समपार फाटक हैं तथा इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम एवं पंपलेट वितरण सभी समपार फाटकों पर आयोजित किए गए। स्थानीय लोगों एवं सड़क उपयोगकर्ताओं को रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 160 के प्रावधानों के बारे में भी अवगत कराया गया, जिसके अंतर्गत बंद समपार फाटक को बलपूर्वक खोलना अथवा उसे क्षति पहुँचाना दंडनीय अपराध है। यह जागरूकता अभियान मंडल के सुरक्षा, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा परिचालन विभागों के समन्वित प्रयासों तथा रेलवे सुरक्षा बल के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
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