मुरादाबाद में आयुष्मान भारत योजना में गलत भुगतान लेने के मामले में फिर जांच शुरू
- DSS Admin
- May 13, 2026
मुरादाबाद, 13 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में आयुष्मान भारत योजना में गलत भुगतान लेने के मामले में एक साल पहले निलंबित किए गए नौ अस्पतालों की फाइल एक बार फिर खुल गई है। शासन स्तर से पुराने मामलों की समीक्षा शुरू हो गई है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कुलदीप सिंह ने बुधवार को बताया कि इन अस्पतालों से जुड़े भुगतान, क्लेम और दस्तावेजों की दोबारा जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ स्थित राज्य स्वास्थ्य एजेंसी को भेजी जाएगी।
अब पूरे प्रकरण की दोबारा पड़ताल शुरू कर दी है। इस बार जांच का दायरा सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं है। भुगतान प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और पोर्टल एक्सेस का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यह भी जांच हो रही है कि तीन स्तर की क्लेम जांच प्रणाली के बावजूद अनियमित भुगतान कैसे पास हुए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले में जिन अस्पतालों के खिलाफ पहले कार्रवाई हुई थी, उनके पुराने क्लेम का डिजिटल ऑडिट कराया जा रहा है। संदिग्ध मामलों में मरीजों से सीधे संपर्क कर फीडबैक लेने की तैयारी भी है। यदि रिकॉर्ड और वास्तविक उपचार में अंतर मिला तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो सकती है। सीएमओ का कहना है कि अभी जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट उनके पास नहीं आई है। जांच रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ स्थित राज्य स्वास्थ्य एजेंसी को भेजी जाएगी।
पुरानी जांच में सामने आया था कि आयुष्मान पोर्टल के जरिए संदिग्ध तरीके से भुगतान जारी किए गए। इसके बाद स्टेट हेल्थ एजेंसी ने अस्पतालों की आयुष्मान संबद्धता निलंबित कर दी थी। अधिकांश अस्पतालों ने भुगतान राशि वापस कर दी थी, लेकिन मामला पूरी तरह बंद नहीं हुआ था। यूनिक अस्पताल, सर्जिमेड अस्पताल, मेडविन मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल (वर्तमान में बंद), फोटॉन अस्पताल, ऑन्कोकेयर कैंसर अस्पताल, फोटॉन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एंड ट्रॉमा सेंटर, एमआई अस्पताल, एवीएस अस्पताल, सकीना अस्पताल, गैलेक्सी अस्पताल।

