स्टॉक मार्केट में सीएमआर ग्रीन की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली, 10 जून (हि.स.)। नॉन फेरस मेटल की रिसाइकिलिंग करने वाली कंपनी सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 192 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 275.40 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 268 रुपये के स्तर पर हुई। इस तरह लिस्टिंग के साथ ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को लगभग 43 प्रतिशत का प्रीमियम मिल गया। मजबूत लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसके कारण ये शेयर गिर कर 250.10 रुपये के स्तर पर आ गया। बाजार में जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 254.86 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 62.86 रुपये यानी 32.74 प्रतिशत का फायदा हो गया था।

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज का 630.88 करोड़ रुपये का आईपीओ तीन से पांच जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 127.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 270.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 172.35 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 27.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले 3,28,58,323 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए गए हैं।

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 104.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसके अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 838.56 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 में स्थिति बदली और कंपनी 155.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाने में सफल रही। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 162.39 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 5,889 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5,968.44 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6,696.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 6,291 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 268.19 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 498.65 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 894.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 1,303.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1,195.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 317.54 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 458.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 594.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2,064.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1,187.99 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,328.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 1,464.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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