ड्यूटी के दौरान सीने में उठा दर्द, ठेका श्रमिक की मौत के बाद हंगामा
- DSS Admin
- Jul 07, 2026
पश्चिम बर्दवान, 07 जुलाई (हि. स.)। सेल-आईएसपी (सेल आइएसपी) बर्नपुर प्लांट में कार्यरत एक ठेका श्रमिक की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने पर मंगलवार को प्लांट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतक की पहचान नित्या गोपाल धीबर (46) के रूप में हुई है, जो मां लक्ष्मी अलॉय स्टील लिमिटेड के अधीन ऑपरेशन गैरेज में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। घटना के बाद परिजन, सहकर्मी और श्रमिक संगठन के सदस्य शव को लेकर प्रबंधन के एमडी कार्यालय के सामने कई घंटों तक विरोध प्रदर्शन किया। परिवार ने मृतक के परिवार के लिए मुआवजा, नौकरी और अन्य सुविधाओं की मांग की।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:45 बजे नित्या गोपाल धीबर साइकिल से बीओएफ इलेक्ट्रिकल स्टोर पहुंचे। वहां उन्होंने सहकर्मियों से सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की। कुछ ही देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े। सहकर्मियों ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें प्लांट के ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विस केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ईएसआई अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने प्रबंधन पर समय पर सूचना नहीं देने और इलाज से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते उन्हें सूचना मिलती और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था होती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतक की पत्नी ने बताया कि उन्हें काफी देर से घटना की जानकारी मिली और अस्पताल पहुंचने पर केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया, जबकि उनके पति की वास्तविक स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताया गया।
मौत की खबर मिलते ही परिजन, सहकर्मी और श्रमिक संगठन के सदस्य शव लेकर एमडी कार्यालय के सामने पहुंचे और कई घंटों तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को रोजगार, उचित मुआवजा तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
विरोध प्रदर्शन के बाद सेल-आईएसपी प्रबंधन के मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों, ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों और परिजनों के बीच बैठक हुई।
बैठक के बाद भाजपा नेता सोमनाथ मंडल ने बताया कि बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा बीमा की पूरी राशि भी परिवार को मिलेगी तथा मृतक के एक आश्रित के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही अन्य वैधानिक लाभ भी नियमानुसार उपलब्ध कराए जाएंगे।
मृतक के बड़े भाई ने कहा कि नित्या गोपाल धीबर परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से पत्नी और छोटे बच्चे के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रबंधन से परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग भी की।
श्रमिक संगठनों ने कहा कि मृतक के परिवार को ठेका कंपनी और प्रबंधन के बीच हुए अनुबंध के अनुसार सभी वैधानिक लाभ, मुआवजा और अन्य सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द राहत मिल सके।
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