भारत-ब्रिटेन ने महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला वेधशाला का शुभारंभ किया

भारत-ब्रिटेन महत्वपूर्ण खनिज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला वेधशाला का शुभारंभ करते जी. किशन रेड्डी और यवेट कूपर

नई दिल्ली, 04 जून (हि.स)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और यूनाइटेड किंगडम की विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों की राज्य सचिव यवेट कूपर ने नई दिल्ली में गुरुवार को महत्वपूर्ण खनिज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला वेधशाला (जीएससीओ) का औपचारिक शुभारंभ किया।

खान मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जीएससीओ का शुभारंभ महत्वपूर्ण खनिजों और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर भारत और ब्रिटेन की बढ़ती साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक संसाधनों को सुरक्षित करने में सहयोग को मजबूती मिली है। इस पहल से महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन सहयोग मजबूत होगा।

मंत्रालय ने कहा कि यह वेधशाला ‘टेक्समिन’ (टीटीआरपी, डीएसटी, भारत सरकार), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसएम) धनबाद और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य वैश्विक महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं की निगरानी और विश्लेषण के लिए एक डेटा-संचालित मंच बनाना है। इस पहल की घोषणा अक्टूबर, 2025 में भारत-ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक के दौरान की गई थी और बाद में मार्च 2026 में हस्ताक्षरित एक अनुसंधान सहयोग समझौते के माध्यम से इसे औपचारिक रूप दिया गया था।

इस अवसर पर खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विदेश मंत्रालय के अधिकारी, यूनाइटेड किंगडम में भारतीय उच्चायोग के प्रतिनिधि, यूनाइटेड किंगडम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, भारत में ब्रिटिश उच्चायोग के प्रतिनिधि, टेक्समिन, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, साथ ही दोनों देशों के उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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