औद्योगिक बिजली कनेक्शन होंगे अब अधिक सुगम, लंबित प्रकरणों की होगी सख्त निगरानी

जयपुर, 13 मई (हि.स.)। राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों को सुगमता से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्युत वितरण निगमों ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार लागू करने का निर्णय लिया है। चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने प्रदेश के तीनों विद्युत वितरण निगमों के अधीक्षण अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि औद्योगिक बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि उद्योगों की स्थापना और विस्तार में अनावश्यक बाधाएं न आएं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद, मध्यम और लघु औद्योगिक श्रेणी के सभी विद्युत कनेक्शन आवेदनों पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई आवेदन 21 दिन से अधिक लंबित रहता है तो उसकी समीक्षा उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जबकि 45 दिन से अधिक समय तक लंबित रहने वाले प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा स्वयं प्रबंध निदेशक स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित होने से रोकना और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

डोगरा ने यह भी निर्देश दिए कि आगामी दो माह के भीतर सभी संबंधित सहायक अभियंताओं और कार्मिकों को टर्म्स एंड कंडीशन ऑफ सप्लाई तथा रेगुलेशन नियमों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।

इसके लिए तीनों वितरण निगमों में समान प्रशिक्षण मैन्युअल तैयार किया जाएगा, जिससे नियमों की स्पष्ट समझ विकसित हो और कनेक्शन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। उनका मानना है कि प्रशिक्षित कार्मिक आवेदन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगे और उद्यमियों को शीघ्र सेवाएं उपलब्ध होंगी।

चेयरमैन डिस्कॉम्स ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि छोटी-छोटी तकनीकी कमियों या अनावश्यक टिप्पणियों के आधार पर फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि आवेदनकर्ता को प्रारंभ में ही सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट चेकलिस्ट उपलब्ध कराई जाए तथा किसी प्रकार की कमी होने पर तत्काल सूचित किया जाए, ताकि आवेदक समय रहते दस्तावेज पूर्ण कर सके। इससे उद्योगपतियों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।

औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अब प्रत्येक सर्किल अधीक्षण अभियंता को हर माह औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ बैठक करनी होगी, जिसमें लंबित आवेदनों की स्थिति, औद्योगिक फीडरों पर ट्रिपिंग की संख्या, बिजली बहाली में लगने वाला समय तथा सुधारात्मक योजनाओं पर चर्चा होगी।

औद्योगिक फीडरों पर ट्रिपिंग कम करने के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार कर जोनल मुख्य अभियंताओं को प्रस्तुत करनी होगी।

आरती डोगरा ने कहा कि औद्योगिक विकास राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है और उद्यमियों को समय पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र आवेदनों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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