वृहद आश्रय गृह का निरीक्षण, बच्चों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
- DSS Admin
- Jun 20, 2026
सुपौल, 20 जून (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने शनिवार को वृहद आश्रय गृह का निरीक्षण कर वहां रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और दैनिक जीवन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। साथ ही भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में सचिव ने बच्चों के रहने वाले कक्ष, रसोईघर, भोजन कक्ष और पूरे परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने बाल गृह प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। अफजल आलम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, खान-पान और अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
बच्चों ने भी अपनी बात खुलकर रखी। सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार उनकी सुविधाओं और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है।
निरीक्षण के दौरान रसोईघर की व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की भी जांच की गई। जांच में भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई तथा बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। वहीं परिसर और आवासीय कक्षों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहतर मिली।
सचिव ने कहा कि आश्रय गृह में रहने वाले बच्चे समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं और उनके संरक्षण, शिक्षा तथा सर्वांगीण विकास के लिए सभी संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान बाल गृह की सामान्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। सचिव ने प्रबंधन को निर्देश दिया कि भविष्य में भी बच्चों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर बाल गृह के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सचिव ने सभी कर्मियों से बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की अपील की।

