बांसवाड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी: जाली नोटों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, दस गिरफ्तार

बांसवाड़ा, 2 अप्रैल (हि.स.)। बांसवाड़ा पुलिस ने जाली नोटों के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10वें आरोपित सुखराम तंबोलिया को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने 18 मार्च 2025 को धुलियागढ़ निवासी महेश कटारा के घर पर छापा मारा। इस दौरान एक लाख 39 हज़ार 300 रुपये के 100, 200 और 500 रुपये के जाली नोट बरामद किए थे। साथ ही, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर भी जब्त किया गया। पूछताछ में महेश ने खुलासा किया कि उसे रमेश के जरिए खूंटा गलिया निवासी कमलेश तंबोलिया से दाे लाख रुपये के जाली नोट मिले थे।

आरोपित कमलेश की जानकारी के आधार पर पुलिस ने गुजरात के दाहोद से दो अतिरिक्त प्रिंटर बरामद किए, जो जाली नोटों की छपाई में उपयोग किए जा रहे थे। इसके अलावा, सुखराम तंबोलिया से 15,000 रुपये के जाली नोट भी जब्त किए गए।

पूछताछ से पता चला कि कमलेश और सुखराम ने मिलकर जाली नोटों की छपाई की थी। उनका नेटवर्क राजस्थान, गुजरात और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था। आरोपिताें ने झालोद और दाहोद में अलग-अलग स्थानों पर लाखों रुपये के जाली नोट छापे थे। इनमें से दाे लाख रुपये के जाली नोट महेश को दिए गए, जबकि 3 लाख रुपये के जाली नोट सुखराम के पास होने की सूचना मिली है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपिताें को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस टीम गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। जांच में उपयोग किए गए लैपटॉप और अन्य उपकरणों को बरामद करने के प्रयास भी जारी हैं।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज और पुलिस उप अधीक्षक संदीपसिंह शक्तावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम इस मामले की जांच में लगी हुई है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर जाली नोटों की तस्करी में शामिल रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुभाष

   

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