रिम्स की जमीन अतिक्रमण मामले में बिल्डर शुभम साबू गिरफ्तार, अन्य आरोपितों की तलाश जारी

रांची, 28 जून (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर अपार्टमेंट निर्माण और बिक्री से जुड़े मामले में रविवार को बिल्डर शुभम साबू को गिरफ्तार कर लिया। शुभम साबू की कंपनी लकी ग्रुप पर रिम्स की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कर फ्लैटों की बिक्री करने का आरोप है। मामले में अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसीबी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, लकी ग्रुप ने अरगोड़ा-कटहल मोड़ रोड क्षेत्र में कई बहुमंजिला अपार्टमेंट का निर्माण किया है, जबकि कुछ परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। एसीबी अब कंपनी की भूमिका के साथ-साथ इस मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों और अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि रिम्स की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बहुमंजिला अपार्टमेंट और मकानों का निर्माण किए जाने के मामले को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। न्यायालय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर निर्मित अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराया था।

सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि इतने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं प्रतीत होता। इसके बाद न्यायालय ने पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपने का निर्देश दिया था।

जांच के क्रम में एसीबी ने अंचल कार्यालय के तत्कालीन अधिकारियों, बिल्डरों और कथित बिचौलियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध निर्माण कार्यों पर लगभग 14 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। आरोप है कि सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री के लिए फर्जी दस्तावेज और जाली वंशावली का उपयोग किया गया।

एसीबी के अनुसार, मामले के एक अन्य आरोपित प्रमोद महतो की तलाश जारी है। उसके विरुद्ध अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।---------------

   

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