रांची में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार अपराधी गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध
- DSS Admin
- May 29, 2026
रांची, 29 मई (हि.स.)। रांची के गोंदा थाना पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपितों में जामताड़ा जिले के नारायणपुर निवासी काजल कुमार मंडल, रामगढ़ निवासी आनंद कुमार, बोकारो जिले के ललपनिया निवासी बिक्की और रामगढ़ के सौदागर मोहल्ला निवासी शाकिब अंसारी शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जिसमें विभिन्न बैंकों के नाम पर बने 50 पासबुक, 26 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन और 3 आधार कार्ड शामिल हैं।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि गोंदा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक के पास स्थित रॉक व्यू अपार्टमेंट के एक फ्लैट में कुछ संदिग्ध लोग मौजूद हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद सदर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और गुप्त तरीके से छापेमारी की गई। इस दौरान फ्लैट से पांच संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर साइबर ठगी करते थे।
एसएसपी ने बताया कि तलाशी के दौरान कई फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग उपकरण मिले। आरोपितों ने यह भी खुलासा किया कि फर्जी पहचान पत्रों के जरिए बैंक खाते खोले जाते थे और उनके माध्यम से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह फ्लैट एक व्यक्ति ‘निखिल भैया’ का है, जो कथित रूप से इन लोगों को यहां बुलाकर साइबर अपराध की ट्रेनिंग देता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई बैंक खाते खोलने और उनके जरिए ठगी करने की बात स्वीकार की है। इस मामले में गोंदा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
फिलहाल पुलिस गिरोह के सरगना निखिल की तलाश में जुट गई है और यह भी जांच कर रही है कि इन खातों के जरिए कितने लोगों से साइबर ठगी की गई है।-----------

