झारखंड में हॉकी के विकास पर खेल मंत्री और हॉकी इंडिया महासचिव के बीच मंथन

रांची, 07 जुलाई (हि.स.)। झारखंड में हॉकी के समग्र विकास, खिलाड़ियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को सशक्त बनाने तथा खेल अधोसंरचना के विस्तार को लेकर मंगलवार को राज्य के खेल मंत्री सुदिप्य कुमार और हॉकी इंडिया के महासचिव एवं हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। खेल मंत्री के आवास पर हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान दोनों पक्षों ने राज्य में हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान भोलानाथ सिंह ने खूंटी जिले में बालिकाओं के लिए खेल विभाग की ओर से आवासीय हॉकी प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए खेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड लंबे समय से देश को उत्कृष्ट हॉकी खिलाड़ी देता रहा है। विशेष रूप से खूंटी, सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है, जहां बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होने से स्थानीय खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक कोचिंग, बेहतर खेल सुविधाएं और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध होगा। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकेंगी।

भोलानाथ सिंह ने कहा कि जिन जिलों में किसी विशेष खेल की प्राकृतिक प्रतिभा अधिक है, वहां उसी खेल के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करना दूरदर्शी पहल है। इससे खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा, प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा और राज्य में खेलों के संतुलित एवं दीर्घकालिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि खूंटी का आवासीय हॉकी प्रशिक्षण केंद्र भविष्य में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करेगा।

बैठक में अगले वर्ष प्रस्तावित हॉकी इंडिया लीग की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान झारखंड में प्रतियोगिता के संभावित आयोजन, खिलाड़ियों की तैयारी, खेल अधोसंरचना के उन्नयन, मैदानों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास तथा आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही राज्य में हॉकी के बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाने, प्रशिक्षण केंद्रों के विस्तार तथा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के उपायों पर भी सहमति बनी।

खेल मंत्री सुदिप्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड की खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण खेल अधोसंरचना, विशेषज्ञ कोचिंग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, ताकि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि गांव और प्रखंड स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाना भी है। इसके लिए राज्य में खेल अधोसंरचना के विकास, प्रशिक्षण केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और विभिन्न खेल विधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक के अंत में खेल मंत्री सुदिप्य कुमार और हॉकी इंडिया महासचिव भोलानाथ सिंह ने झारखंड में हॉकी के विकास के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों ने जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, खेल संस्कृति को मजबूत करने तथा राज्य को देश के अग्रणी हॉकी केंद्रों में स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और हॉकी इंडिया के संयुक्त प्रयासों से झारखंड आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।

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