जमशेदपुर बंद को मिला ऐतिहासिक जनसमर्थन, राज्य सरकार कानून-व्यवस्था पर आत्ममंथन करे : अमर बाउरी
- DSS Admin
- Jul 03, 2026

रांची, 03 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने जमशेदपुर और आदित्यपुर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में पार्टी की ओर से आहूत बंद को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस आंदोलन को आम जनता का अभूतपूर्व और स्वत:स्फूर्त समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि इस बंद ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है और यह विरोध केवल भाजपा का नहीं, बल्कि आम लोगों की आवाज बन चुका है।
शुक्रवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बाउरी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आह्वान पर आयोजित बंद में जमशेदपुर और आदित्यपुर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, ठेला-खोमचा संचालकों समेत समाज के सभी वर्गों ने स्वेच्छा से भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि जनता ने पहली बार राज्य सरकार के अहंकार को चुनौती दी है और यह बंद सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है। अब सरकार पर निर्भर है कि वह इस जनभावना को सकारात्मक रूप से स्वीकार कर कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाती है या इसे नजरअंदाज करती है।
प्रदेश महामंत्री ने बंद को सफल बनाने के लिए जमशेदपुर और आदित्यपुर की जनता, भाजपा पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से हुए इस आंदोलन ने सरकार को जनता की पीड़ा का एहसास कराया है।
बाउरी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार, सत्ता पक्ष और उसके समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देकर वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता ने ऐसे प्रयासों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में हुई नृशंस घटना और उसके दौरान पुलिस की भूमिका की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। सरकार को निर्दोष लोगों को फंसाने या मामले को दूसरी दिशा देने के बजाय वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा एक जिम्मेदार और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राज्य के किसी भी हिस्से में जनता पर अत्याचार, शोषण या अन्याय होने पर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बाउरी ने कहा कि वर्तमान स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि वर्ष 2019 में हेमंत सरकार के गठन के बाद से लगातार व्यवस्था कमजोर होती गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के तुरंत बाद चाईबासा में सात लोगों की हत्या जैसी घटनाओं ने इसकी शुरुआत कर दी थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों की नियुक्तियों में कथित लेन-देन, अवैध कारोबारों को संरक्षण तथा पुलिस तंत्र को अवैध वसूली में लगाए जाने जैसी प्रवृत्तियों ने हालात और बिगाड़ दिए। इसका परिणाम यह हुआ कि पुलिस की साख लगातार गिरती गई और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल भी प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की हालिया घटना ने साबित कर दिया है कि राज्य की पुलिस व्यवस्था पर जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
बाउरी ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर में खुलेआम नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है तथा ड्रग्स और ब्राउन शुगर का प्रचलन चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुका है, जिस पर सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से पूरे झारखंड में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की। साथ ही कहा कि जमशेदपुर की घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उनका आरोप था कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने न केवल अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरती, बल्कि घायल युवक को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराने में भी असफल रहे। यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
बाउरी ने कहा कि जमशेदपुर की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित है और पुलिस प्रशासन की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने सरकार से जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल तथा रविनाथ किशोर भी उपस्थित थे।
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