जगन्नाथपुर रथ मेला की तैयारियां तेज, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने बनाई व्यापक रणनीति

निरीक्षण करते एडीजी

रांची, 05 जुलाई (हि.स.)। रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर रविवार को नीलांदरी भवन में पुलिस-प्रशासन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन, नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) पारस राणा, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (रूरल एसपी) गौरव गोस्वामी, यातायात पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक एसपी) राकेश सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

एडीजी मनोज कौशिक ने बैठक के दौरान कहा कि पिछले वर्ष रथ मेले में स्वयंसेवकों की भूमिका काफी सराहनीय रही थी। इस बार भी बड़ी संख्या में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि स्वयंसेवकों की सूची पहले से तैयार कर उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएं, ताकि भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और आपात स्थिति से निपटने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

एडीजी ने बताया कि रथ यात्रा शुरू होने से पहले ही पुलिस बल और स्वयंसेवकों को उनके निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर दिया जाएगा। भगवान जगन्नाथ के रथ के पूरे मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था भी की जाएगी।

बैठक में प्रशासन ने मेला आयोजन समिति को पांच-पांच स्वयंसेवकों की टीम गठित करने तथा उनके लिए अलग-अलग नियंत्रण केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया। इन नियंत्रण केंद्रों के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय और राहत कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।

रथ मेले की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा ड्रोन कैमरों के माध्यम से मेले और रथ यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जबकि असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही मोबाइल चोरी और जेबतराशी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया जा रहा है। यह टीम ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी।

पुलिस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष या निकटतम पुलिसकर्मी को दें, ताकि जगन्नाथपुर रथ मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।

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