भय और अराजकता के माहौल में झारखंड में निवेश की बात बेइमानी : रविनाथ
- DSS Admin
- Jul 03, 2026
रांची, 03 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश के प्रवक्ता रविनाथ किशोर ने 08 और 09 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के संदर्भ में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में व्याप्त भय, असुरक्षा और अराजकता के माहौल में निवेश आकर्षित करने की बातें केवल दिखावा प्रतीत होती हैं।
उन्होंने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है कि हेमंत सरकार की ओर से निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से समय-समय पर की गई विदेश यात्राओं, निवेशक सम्मेलनों और अन्य आयोजनों का वास्तविक परिणाम क्या रहा। सरकार स्पष्ट करे कि अब तक राज्य में कितने नए निवेश आए, कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरीं और इनसे झारखंड के युवाओं को कितना रोजगार और राज्य को कितना आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
किशोर ने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश का सबसे महत्वपूर्ण आधार बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेशकों का विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश झारखंड में आज अपराध, भय और प्रशासनिक अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों का राज्य की ओर आकर्षित होना कठिन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास विकास की स्पष्ट कार्ययोजना और दूरदृष्टि का अभाव है। विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है, सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रियों के बीच समन्वय की कमी दिखाई देती है और कानून-व्यवस्था लगातार चुनौती बनी हुई है। इसके साथ ही राज्य वित्तीय अव्यवस्था की स्थिति का भी सामना कर रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किशोर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में झारखंड में निवेश लाना चाहती है तो सबसे पहले कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगा, पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करनी होगी और सड़क, बिजली, जल और अन्य आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना होगा। निवेशकों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण तैयार किए बिना बड़े निवेश की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।
किशोर ने कहा कि झारखंड को पुनः विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट नीति और सुशासन की आवश्यकता है। वर्तमान सरकार इन मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है, जिसके कारण राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है।
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