कार्यालयों पर कब्जे को लेकर तृणमूल के दोनों गुटों में टकराव तेज
- DSS Admin
- Jul 03, 2026
कोलकाता, 3 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद शुक्रवार को उस समय और तेज हो गया, जब विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन इलाके स्थित पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर वहां ताला लगा दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही दूसरे गुट के नेता कुणाल घोष मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया।
जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले ऋतब्रत बनर्जी और उनके समर्थक नेताओं ने दिल्ली जाकर भारत निर्वाचन आयोग के पूर्ण पीठ के साथ बैठक की थी। आयोग ने पार्टी के असली नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों से छह जुलाई तक जवाब मांगा है। इसी बीच शुक्रवार शाम ऋतब्रत गुट के नेता फिरहाद हाकिम, संदीपन साहा, जावेद खान और अन्य विधायक मेट्रोपॉलिटन स्थित कार्यालय पहुंचे और वहां कब्जा कर लिया।
ऋतब्रत गुट के विधायक आखरुज्जमान ने दावा किया कि यही असली तृणमूल कांग्रेस है और इस कार्यालय से पार्टी की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि भवन मालिक से किराये को लेकर बातचीत भी की गई है। गुट के नेताओं ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर चाबी अपने पास रख ली।
घटना की खबर मिलने के बाद कालीघाट गुट के नेता कुणाल घोष मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और पुलिस के समर्थन से जबरन कब्जे की राजनीति की जा रही है। कुणाल ने कहा कि यह पार्टी कार्यालय वर्ष 2027 तक तृणमूल कांग्रेस के अनुबंध में है और पूरी घटना की जानकारी पार्टी नेतृत्व ममता बनर्जी तथा अभिषेक बनर्जी को दी जाएगी।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर मौके पर कोलकाता पुलिस पहुंची। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केंद्रीय बल भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति ताला तोड़कर किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से तृणमूल कांग्रेस के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर अधिकार को लेकर संघर्ष जारी है। हाल ही में न्यू टाउन के एक होटल में बैठक कर ऋतब्रत गुट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अलग रखते हुए नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन भी किया था। अब पार्टी कार्यालय पर कब्जे की घटना ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
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