झारखंड में न्याय नहीं, सत्ता और पहुंच का खेल चल रहा : राफिया

रांची, 19 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एक महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण,गर्भधारण और दबाव में गर्भपात कराए जाने की घटना को झारखंड की कानून व्यवस्था और मानवता पर सबसे बड़ा कलंक बताया है।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक अपराध नहीं,बल्कि सत्ता संरक्षण में चल रहे संस्थागत शोषण का भयावह उदाहरण है। महिला क़ैदी ने दोषियों के नाम भी बताए।

राफिया नाज मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक 23 वर्षीय मुस्लिम महिला कैदी के साथ महीनों तक जेल के ही अधिकारियों की ओर से कथित यौन शोषण किया गया। जब पीड़िता गर्भवती हुई तो पूरे मामले को दबाने के लिए उसका गर्भपात तक करा दिया गया। सबसे शर्मनाक बात यह है कि पीड़िता आज भी जेल में बंद है,जबकि आरोपित अधिकारी अब भी उसी जेल में अपने पद पर बने हुए हैं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि झारखंड में कानून नहीं, बल्कि सत्ता और पहुंच का राज चल रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सलाखों के पीछे होना चाहिए था, वे आज भी सरकारी कुर्सियों पर बैठकर फाइलें संभाल रहे हैं। सरकार उन्हें कार्रवाई से बचाने और सबूत मिटाने का समय दे रही है। यह न्याय व्यवस्था का खुला मजाक है।

राफिया नाज़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूरे मामले में जानबूझकर चुप्पी साधे हुए है ताकि धीरे-धीरे सबूत खत्म हो जाएं और बाद में औपचारिक जांच का नाटक कर जनता को भ्रमित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि जेल जैसी संवेदनशील जगह महिलाओं के यौन शोषण का अड्डा बन जाए और सरकार तमाशबीन बनी रहे,तो यह किसी भी सभ्य समाज के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।

उन्होंने कांग्रेस नेता आलमगीर आलम पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिस समय यह पूरा मामला सामने आया,उस दौरान वे उसी जेल में बंद थे। लेकिन अपने ही समाज की एक बेटी पर हुए इतने बड़े अत्याचार पर उन्होंने एक शब्द तक नहीं बोला।

जमानत मिलने के बाद माला तो दिखाई दी,लेकिन पीड़िता के न्याय के लिए आवाज नहीं सुनाई दी। इससे साफ है कि तथाकथित सेक्युलर राजनीति में समाज की बेटियां सिर्फ वोट बैंक हैं, न्याय का विषय नहीं।

उन्होंने राज्य सरकार के मंत्री इरफान और हफीजुल हुसैन अंसारी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि एक मंत्री बयानबाजी में व्यस्त हैं,जबकि दूसरे ने हमेशा की तरह चुप्पी ओढ़ रखी है। जब महिलाओं की अस्मिता पर हमला होता है तब इन नेताओं की संवेदनशीलता और सेक्युलरिज्म दोनों गायब हो जाते हैं।

राफिया नाज़ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरने से जवाब मांगते हुए कहा कि उनके शासन में अपराधियों को संरक्षण और पीड़ितों को प्रताड़ना मिल रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के जंगलराज में अपराधी सुरक्षित हैं,पीड़िता सलाखों के पीछे है और सरकार राजनीतिक कैलकुलेटर चलाने में व्यस्त है।

भाजपा ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, आरोपित जेल अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए तथा पीड़िता को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए।

अंत में राफिया नाज़ ने कहा कि अगर यही व्यवस्था है,तो फिर अपराधियों को जेल भेजने की जरूरत ही क्या है। सीधे प्रशासनिक कुर्सी दे दीजिए। कम से कम सरकार का ढोंग तो खत्म होगा।---------------

   

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