जेएमसी ठेकेदारों का प्रदर्शन, नई नीतियों की समीक्षा की मांग
- Neha Gupta
- Jul 08, 2026

जम्मू, 08 जुलाई । जम्मू नगर निगम ठेकेदार एसोसिएशन ने जम्मू में प्रदर्शन कर हाल ही में लागू की गई विभिन्न नीतियों की समीक्षा की मांग की। एसोसिएशन का आरोप है कि नई व्यवस्थाओं के कारण ठेकेदारों को आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जिससे शहर में विकास कार्यों का समय पर निष्पादन भी प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत सिंह ने किया। उनके साथ उपाध्यक्ष इरफान अहमद और वरिंदर सिंह, महासचिव रमन शर्मा, प्रवक्ता संजीव शर्मा तथा सचिव बिंदर पाल सिंह सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार मौजूद रहे। प्रदर्शन में कई अन्य ठेकेदारों ने भी भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विक्रांत सिंह ने कहा कि जम्मू नगर निगम द्वारा हाल में लागू की गई कुछ नीतियां ठेकेदारों के हितों के प्रतिकूल हैं और इनके कारण विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से तीन वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि पहले से लागू प्रणाली प्रभावी थी और इसे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। उनका कहना था कि इससे ठेकेदारों पर अतिरिक्त वित्तीय और कानूनी बोझ पड़ेगा तथा विकास कार्यों में भागीदारी कम हो सकती है। एसोसिएशन ने संशोधित अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट नियमों पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि नई शर्तें विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों के लिए आर्थिक रूप से बोझिल हैं। उनका आरोप है कि इन नियमों से प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है और वास्तविक ठेकेदारों के लिए निविदा प्रक्रिया में भाग लेना कठिन होता जा रहा है।
ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराए बिना ही टेंडर जारी कर कार्य आवंटित कर दिए जाते हैं जिससे भुगतान को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है और ठेकेदारों को संसाधन जुटाने के बावजूद आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने परियोजनाओं के लिए तय समय-सीमा को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि मौसम, स्थल की परिस्थितियां, सार्वजनिक सुविधाओं के स्थानांतरण और अन्य व्यावहारिक चुनौतियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता।
एसोसिएशन ने लंबित भुगतानों का मुद्दा भी उठाते हुए आरोप लगाया कि बिलों के निस्तारण और भुगतान में अत्यधिक देरी से ठेकेदारों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने जम्मू नगर निगम के आयुक्त से मांग की कि नई नीतियों की ठेकेदार प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर समीक्षा की जाए और ऐसी पारदर्शी एवं व्यावहारिक व्यवस्था लागू की जाए जिससे विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकें। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगी।

