अमित शाह ने बारिश से बेहाल जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, और गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बात की

 अमित शाह ने केंद्र की ओर से हर मदद का दिया आश्वासन
 नयी दिल्ली, आठ जुलाई 
 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से बुधवार को फोन पर अलग अलग बात कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शाह ने तीनों मुख्यमंत्रियों को बारिश से उत्पन्न हालात से निपटने में केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ ने ठाठरी शहर के ऊपरी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई घरों, दुकानों और गाडय़िों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा। पहाड़ी इलाके में हुई भारी बारिश के बाद, इस हफ्ते डोडा और किश्तवाड़ जिलों में यह इस तरह की तीसरी घटना थी।
अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे बड़े पत्थर, कीचड़ और मलबा ठाठरी शहर में आ गया।
उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग भी ठाठरी के पास बाधित हो गया, जिससे इलाके में गाडय़िों की आवाजाही प्रभावित हुई।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना लगातार बारिश की वजह से आई अचानक बाढ़ के एक दिन बाद हुई, जिसमें निर्माणाधीन 540 मेगावाट की क्वार जलविद्युत परियोजना के पास डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। 
 देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बुधवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिसकी वजह से उपनगरीय रेल सेवाएं प्रभावित हुईं और कार्यालय जाने वालों को परेशानी हुई। सप्ताहांत में शहर में भारी बारिश हुई थी और मंगलवार को थोड़ी राहत मिली थी।
पड़ोसी पालघर जिले के वसई-विरार रेल खंड और दक्षिण गुजरात में कई जगहों पर जलजमाव के कारण गुजरात जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं।
 भोर घाट खंड पर सोमवार को भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे मार्ग पर भी ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से बहाल नहीं की जा सकी हैं। 
 नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई को पीने का पानी आपूर्ति करने वाले सात जलाशयों में से एक तुलसी झील, जलसंग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश की वजह से लबालब भर गई है। 
 भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और उसके उपनगरों में दिन के दौरान रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।
 अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को दक्षिणी गुजरात में भी मूसलाधार बारिश हुई। सबसे ज्यादा असर सूरत जिले में देखने को मिला, जहां बारिश जनित घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों से 2,100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
 उन्होंने बताया कि सूरत जिले के कामरेज तालुका में मंगलवार को शाम चार बजे समाप्त हुए 10 घंटों में रिकॉर्ड 305 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के मद्देनजर मंगलवार को नवसारी जिले और सूरत में शिक्षण संस्थान बंद रहे। 
आईएमडी ने मंगलवार को राज्य के लिए दोपहर के पूर्वानुमान में कहा था, पिछले 24 घंटों में दक्षिण गुजरात क्षेत्र के जिलों - सूरत, वलसाड और दादरा एवं नगर हवेली - में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हुई।''
सूरत नगर निगम के आयुक्त एम. नागराजन ने संवाददाताओं को बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों से लगभग 2,100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल पांच लोगों की मौत हुई है।
एक अधिकारी ने कहा, ''आज करंट लगने से दो लोगों की मौत होने की जानकारी मिली, जबकि एक और व्यक्ति की मौत कामरेज इलाके में हुई। सोमवार को सूरत के रांदेर इलाके में करंट लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी।''
 

   

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