रामराज्य लाने का मुख्य आधार खेती, किसानों की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा : शिवराज सिंह चौहान
- DSS Admin
- Jun 25, 2026
कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से स्थापित किया संवाद
खाद एवं पेस्टिसाइड का कम प्रयोग करते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जोर
विश्वविद्यालय के कुलपति को बताया डायनेमिक वाइस चांसलर
अयोध्या, 25 जून (हि.स.)। आज हम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की पावन भूमि में आए हैं, भगवान राम हमारे अस्तित्व हैं, प्राण हैं, राम भगवान हैं, वह हमारे रोम रोम में बसे हैं, सांसों में बसे हैं। तुलसीदास की चौपाई दैहिक दैविक भौतिक तापा, यह रामराज्य को बयां करती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम भी देश में रामराज्य लाना चाहते हैं, रामराज्य लाने का मुख्य आधार खेती ही है।
उक्त बातें गुरुवार को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के ऑडिटोरियम में भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत के तहत आयोजित किसान संगोष्ठी में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे कृषि मंत्री चौहान ने सबसे पहले आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके उपरांत दूध डेयरी एवं एन एस पी 6 कृषि प्रक्षेत्र पर आयोजित किसानों की चौपाल में शामिल हुए। उन्होंने चौपाल में मौजूद विभिन्न जनपदों से आए किसानों से संवाद स्थापित कर आधुनिक खेती पर विस्तार से चर्चा की। कृषि मंत्री ने मखाना खेती, मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती सहित ढैंचा खेती का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कृषि प्रक्षेत्र पर स्वयं खेत में धान की पौध रोप कर धान रोपाई का शुभारंभ भी किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किसानों की संगोष्ठी में पहुंचे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री भारत सरकार शिवराज सिंह चौहान एवं उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही तथा कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख सहित अतिथियों का विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अंग वस्त्र, पौध एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को उत्तर प्रदेश का कृषि रोड मैप साैंपा गया है। उन्होंने प्रदेश के कृषि मंत्री से निवेदन किया कि आप रोड मैप पर चर्चा करो उसे जारी करने हम आएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि मंत्री धान की खेती में न उतरे तब तक मंत्री का मतलब नहीं। उन्होंने कहा कि मंत्री का मतलब जनता का सेवक होता है। किसानों की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मेरा पूरा प्रयास है कि कृषि की दशा व दिशा कैसे सुधरे। खाद का अंधाधुंध प्रयोग होता रहा तो धरती बंजर हो जाएगी। जब धरती बीमार हो जाएगी तो अन्न भी बीमार पैदा होगा और फिर खाने वाला भी बीमार ही रहेगा। इसलिए संतुलित खाद का प्रयोग करें मिट्टी परीक्षण कराएं। पोषक तत्व की जरूरत के अनुसार ही प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि हम नई तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत किसान अपना मोबाइल लेकर खेत पर जाएगा और वह वहीं बता देगा कि खेत की मिट्टी में कौन-कौन सी कमी है।
उन्होंने बागवानी का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आम की फसल में नंबर एक पर है, जिसका निर्यात विदेशों को पानी के जहाज के जरिए किया जा रहा है। जिससे किसान लाभान्वित हो रहे हैं। बीज से लेकर बाजार तक का प्रबंधन हमारी सरकार कर रही है।
अपने स्वागत उद्बोधन में कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज इस विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है क्योंकि विश्वविद्यालय स्थापना के बाद से पहली बार देश का कोई कृषि मंत्री विश्वविद्यालय में पधारा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मेरा पूरा प्रयास होगा कि शोध, शिक्षा और प्रसार के क्षेत्र में किसानों के लिए यह विश्वविद्यालय देश में सर्वोपरि स्थान पर रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्रीय कृषि मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को गतिशील कुलपति बताया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ एम एल जाट ने कहा कि वर्ष 1999 से आज 2026 तक के समय में कृषि विश्वविद्यालयके विकास में रात दिन का अंतर है। उन्होंने कहा कि आज 2047 का रोड मैप प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति को एक डायनेमिक वाइस चांसलर बताया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने चौपाल एवं संगोष्ठी में शामिल होने वाले किसानों सहित केंद्रीय मंत्री एवं विश्वविद्यालय के कुलपति सहित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर जिले के प्रशासनिक अधिकारी समेत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों व वैज्ञानिक सहित कृषकगण मौजूद रहे।

