कोरिया : नियमों की अनदेखी पर रोजगार सहायक पर गिरी गाज, लगा अर्थदंड और होगी वसूली

कोरिया, 22 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में शिकायतों के त्वरित निराकरण और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में प्रशासनिक कसावट लाते हुए ग्राम पंचायत पिपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े एक मामले में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आज वसूली और अर्थदंड की कार्रवाई की गई है।

इस विभागीय कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत पिपरा के निवासी और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही जयराम ने कलेक्टर कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में ग्राम रोजगार सहायक पर कामकाज में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल दो सदस्यीय जिला स्तरीय जांच दल का गठन किया गया। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए और ऑनलाइन शासकीय अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण किया। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि नियमों को ताक पर रखकर एक अन्य ग्रामीण को कागजों में एक सप्ताह का मनरेगा कार्य आवंटित किया गया था और उसकी मजदूरी का भुगतान भी कर दिया गया था, जो कि पूरी तरह नियमों के विपरीत था।

जांच प्रतिवेदन में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया है। इसके तहत अवैध रूप से भुगतान की गई 1827 रुपये की मजदूरी राशि की वसूली सीधे ग्राम रोजगार सहायक से की गई है। इसके साथ ही, लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप में रोजगार सहायक पर 1000 रुपये का आर्थिक दंड (जुर्माना) भी लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिला पंचायत सीईओ ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों में इससे भी अधिक कठोर और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

   

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