खड़गपुर, 09 जून (हि. स.)। मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ की संयुक्त टीम ने पांच नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार को शालीमार-संतरागाछी स्टेशनों पर की गई।
मंगलवार दोपहर रेलवे सूत्रों द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार, आरपीएफ की शालीमार सीआईबी टीम को सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने के उद्देश्य से राज्य से बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर शालीमार सीआईबी, खड़गपुर आरपीएफ, खड़गपुर सीआईबी तथा मानव तस्करी विरोधी क्षेत्र में कार्यरत एक गैर-सरकारी संगठन के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित की गई।
संयुक्त टीम ने ट्रेन संख्या 18045 ईस्ट कोस्ट एक्सप्रेस में शालीमार और संतरागाछी स्टेशनों के बीच विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों के साथ यात्रा कर रहे पांच नाबालिग बच्चों को चिन्हित किया गया। पूछताछ में आरोपित बच्चों को उनके गृह राज्य से बाहर ले जाने के संबंध में माता-पिता अथवा अभिभावकों की कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच में पता चला कि बच्चों को रोजगार और बेहतर वेतन का लालच देकर आंध्र प्रदेश ले जाया जा रहा था। बच्चों ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है और उनसे किस प्रकार का कार्य कराया जाएगा। उनके पहचान दस्तावेजों की जांच में सभी के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
संतरागाछी स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ ने बच्चों और दोनों आरोपितों को ट्रेन से उतार लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को आगे की कार्रवाई के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के सुपुर्द कर दिया गया।
इस संबंध में शालीमार जीआरपी थाना में मुकदमा संख्या 34/2026 दर्ज किया गया है। आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
---------------

