प्रधानमंत्री मोदी के तारकेश्वर दौरे से परिवहन व्यवस्था पर दबाव, आरामबाग महकमे में बस संकट की आशंका
- DSS Admin
- Jun 19, 2026
हुगली, 19 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर 20 जून को तारकेश्वर में आयोजित होने वाले राज्य सरकार के विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम के लिए आरामबाग महकमे के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों को तारकेश्वर ले जाने की तैयारी की गई है, जिसके चलते सामान्य बस सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है। प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में बसों को कार्यक्रम के लिए लगाया जा रहा है। इसके कारण शुक्रवार शाम से ही कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने की संभावना है, जबकि शनिवार को अधिकांश बसों के सड़कों से गायब रहने की आशंका जताई जा रही है। इससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पुरशुड़ा के भाजपा विधायक विमान घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से तारकेश्वर जाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि बसों के साथ-साथ छोटे वाहनों की भी व्यवस्था की गई है। साथ ही यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए कुछ बसों को नियमित रूटों पर चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रेल सेवा उपलब्ध रहने से लोगों को वैकल्पिक सुविधा मिलेगी। हुगली इंटर रीजन बस मालिक संघ के सचिव गौतम धुले ने बताया कि प्रशासन ने संगठन की कई बसों को कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित किया है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी बसें मंगाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम से ही कई बसें अपने नियमित मार्गों से हट जाएंगी और शनिवार को अधिकांश बसें सड़कों पर नहीं दिखेंगी।
आरामबाग बस-मिनीबस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन की सचिव मधुमिता भट्टाचार्य ने कहा कि प्रशासन के निर्देशानुसार बसों को शुक्रवार शाम से रिपोर्टिंग करने के लिए कहा गया है। इसके कारण सामान्य यात्री सेवाएं प्रभावित होंगी। हालांकि संगठन कुछ महत्वपूर्ण रूटों पर सीमित संख्या में बसें चलाने की कोशिश कर रहा है। तृणमूल कांग्रेस के नेता पलाश राय ने कहा कि अतीत में बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक कार्यक्रमों के दौरान भी कुछ बसें आम जनता के लिए छोड़ी जाती थीं। उन्होंने कहा कि लोगों की न्यूनतम परिवहन सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। विशेष चिंता की बात यह है कि शनिवार को जमाई षष्ठी का पर्व भी है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग रिश्तेदारों के घर आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। ऐसे में बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि अतीत में बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में बसों को कार्यक्रमों में लगाने से आम यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। तब लोगों को ऑटो, टोटो और अन्य छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ा था तथा अधिक किराया भी चुकाना पड़ा था। तारकेश्वर के इस बड़े कार्यक्रम को देखते हुए इस बार भी वैसी ही स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।
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