खो नागोरियान अग्निकांड : पुलिस कमिश्नर ने किया थानाधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित

जयपुर, 10 जून (हि.स.)। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने खो नागोरियान क्षेत्र में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुई अग्निकांड की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए गए थानाधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पुलिस कमिश्नर मित्तल ने बताया कि अंतरिम जांच रिपोर्ट के आधार पर थानाधिकारी खो नागोरियान ओमप्रकाश मातवा सहित हेड कांस्टेबल अशोक, रामावतार, दिनेश, आसिफ , हरेन्द्र और अशोक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस उपायुक्त पूर्व रंजीता शर्मा द्वारा घटना के तुरंत बाद एएसआई अमर सिंह एवं हेड कांस्टेबल पप्पू राम को सस्पेंड किया है।

पुलिस कमिश्नर मित्तल ने बताया कि घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह को जांच का दायित्व सौंपा गया है। उनके निर्देशन में एक जांच समिति का गठन किया गया है, जो घटना के सभी पहलुओं, संबंधित अधिकारियों की भूमिका तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मित्तल ने जयपुर शहर के सभी जिला पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित कारखानों, गोदामों, पटाखा भंडारण स्थलों एवं अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों का विशेष सर्वे एवं निरीक्षण अभियान चलाया जाए। ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कमिश्नर मित्तल ने निर्देश दिए कि थाना स्तर पर बीट अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कर अवैध रूप से संचालित विस्फोटक सामग्री एवं पटाखों के भंडारण स्थलों की पहचान की जाए। अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान की प्रगति एवं की गई कार्रवाई की विस्तृत पालना रिपोर्ट निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जाएगी। जयपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतया प्रतिबंध है तथा सार्वजनिक जीवन एवं संपत्ति को खतरे में डालने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जयपुर पुलिस द्वारा घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कदम उठाए जा रहे हैं।

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