उच्च अधिकारियों तक पहुंचा मदरिया खेसरा-642 का भूमि विवाद

दरभंगा, 06 जून (हि.स.)। जिले में तारडीह प्रखंड अंतर्गत मौजा मदरिया के खेसरा संख्या 642 से जुड़ा भूमि विवाद अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मामले में प्रथम पक्षकार द्वारा उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाए जाने के बाद संपूर्ण राजस्व प्रक्रिया की कार्यप्रणाली को लेकर कई बिंदुओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

प्रथम पक्षकार का दावा है कि उक्त भूमि पर उनके पक्ष में वैध पंजीकृत दस्तावेज मौजूद हैं तथा वर्षों से उनका शांतिपूर्ण दखल-कब्जा चला आ रहा है। उनके अनुसार स्थल पर आवासीय मकान, चारदीवारी और स्पष्ट भौतिक स्थिति उनके अधिकार को प्रमाणित करती है। साथ ही अंचलाधिकारी के निर्देश पर कराए गए सरकारी अमीन के सीमांकन में भी भूमि की स्थिति उनके पक्ष में पाई गई थी।इसके बावजूद विपक्षी पक्ष की ओर से दाखिल-खारिज हेतु आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद राजस्व स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

इस मामले में राजस्व कर्मचारी सद्दाम हुसैन द्वारा प्रतिवेदन अग्रसारित किया गया, जिसके बाद प्रकरण राजस्व अधिकारी मधु कुमारी के स्तर तक पहुंचा और वहां से अंचलाधिकारी को भेजे जाने की प्रक्रिया भी सामने आई है। इसी क्रम में यह सवाल उठ रहा है कि जब स्थल पर दखल-कब्जा, मकान और चारदीवारी जैसी स्पष्ट भौतिक स्थिति मौजूद है, तो बिना विस्तृत भौतिक सत्यापन के प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई गई।

प्रथम पक्षकार का कहना है कि जब उन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया को “रॉकेट गति” से आगे बढ़ते देखा तो वे आश्चर्यचकित रह गए और तुरंत इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि वास्तविक स्थल स्थिति की अनदेखी कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।

हालांकि शिकायत के बाद राजस्व अधिकारी मधु कुमारी द्वारा मामले की सुनवाई और सभी अभिलेखों की समीक्षा का आश्वासन दिया गया है। पूरे प्रकरण में यह भी सवाल उठ रहा है कि जब स्थल पर कब्जा और निर्माण जैसी स्थिति स्पष्ट है, तो राजस्व कर्मचारी से लेकर राजस्व अधिकारी और फिर अंचलाधिकारी तक फाइल किस प्रक्रिया के तहत पहुंची और क्या सभी तथ्यों का समुचित स्थल निरीक्षण किया गया था या नहीं।

इस मामले में प्रथम पक्षकार ने आशंका जताई है कि प्रक्रिया में गंभीर स्तर पर अनियमितता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी उचित नहीं होगा।वहीं, राजस्व स्तर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित पक्ष से प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

इस संदर्भ में भाजपा पूर्वी दरभंगा जिला महामंत्री संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोपरि है। यदि किसी स्तर पर त्रुटि या अनियमितता सामने आती है तो जांचोपरांत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है।

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