विश्व साइकिल दिवस पर डॉ मांडविया ने दिया फिटनेस का संदेश, 7 जून को ‘संडेज ऑन साइकिल’ का आयोजन

नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। विश्व साइकिल दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में साइकिल रैली में भाग लेकर फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इस अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से भी मौजूद रहीं।

कार्यक्रम में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के लगभग 30 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का एक पूरा चक्कर लगाकर स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

इस अवसर पर डॉ मांडविया ने कहा कि साइकिल चलाना केवल एक व्यायाम या शौक नहीं, बल्कि स्वस्थ और सशक्त जीवन का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से साइकिल को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे शारीरिक फिटनेस बढ़ती है, प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है।

इस वर्ष विश्व साइकिल दिवस की थीम साइक्लिंग फॉर से ग्रीनर फ्यूचर रखी गई है, जो कार्बन उत्सर्जन में कमी, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। मंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में साइकिल एक प्रभावी और सकारात्मक विकल्प बन सकती है।

उन्होंने बताया कि विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में 07 जून को देशभर में ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का विशेष संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में साइकिल चालकों, खिलाड़ियों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डॉ मांडविया ने युवाओं से फिट इंडिया ऐप पर पंजीकरण कर इस अभियान से जुड़ने और अपने परिवार तथा मित्रों को भी इसमें शामिल करने की अपील की।

इसी बीच भारत एक अन्य वैश्विक खेल आयोजन की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। 04 से 8 जून तक विश्व योगासन खेल चैम्पियनशिप 2026 का आयोजन ईकेए एरिना में होगा। इस प्रतियोगिता में 70 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, योगासन और साइकिलिंग जैसे अभियान न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि अनुशासन, सामुदायिक भागीदारी और स्वस्थ जीवनशैली को भी प्रोत्साहित करते हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे आयोजनों से भारत की फिटनेस संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।

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