महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के साथ लोगों के बीच संपर्क पर होसबले का किया समर्थन

श्रीनगर, 17 मई(हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को आरएसएस पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबले की हालिया टिप्पणी का समर्थन किया कि लोगों से लोगों का संपर्क पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने की कुंजी है और बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की होनी चाहिए। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में महबूबा ने कहा कि कश्मीर का समाधान बातचीत और संविधान के दायरे में है। हमें जो कुछ भी हासिल करना है वह दिल्ली और यहीं (जम्मू-कश्मीर) से करना होगा। हम जुड़ाव और बातचीत में विश्वास करते हैं। हम सम्मान के साथ शांति चाहते हैं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ बातचीत और लोगों से लोगों के बीच संपर्क की आवश्यकता पर होसबले के बयान का स्वागत किया जिसका पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने समर्थन किया था। हाल ही में एक साक्षात्कार में आरएसएस महासचिव ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है और अब नागरिक समाज को रास्ता दिखाने का समय आ गया है क्योंकि हमारे बीच सांस्कृतिक संबंध हैं और हम एक राष्ट्र रहे हैं। महबूबा ने कहा कि होसबले ने अब जो कहा है वही (पीडीपी संस्थापक) मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आपनी आखिरी सांस तक वकालत की थी। कश्मीर के दूसरी ओर पाकिस्तान, चीन और मध्य एशिया की ओर जाने वाली हमारी सड़कें खोलो। अगर (नरेंद्र) मोदी जी अपने लिए एक नाम बनाना चाहते हैं तो उन्हें कश्मीर मुद्दा हल करना चाहिए और इस प्रक्रिया में पाकिस्तान को शामिल करना चाहिए। यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री को कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए और इस प्रक्रिया में पाकिस्तान को शामिल करना चाहिए। महबूबा ने कहा कि मैं यह नहीं कह रही हूं कि नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने 2016 में लाहौर का दौरा किया था लेकिन इसके बाद पठानकोट हमला हुआ। पाकिस्तान को भारत के किसी भी प्रयास का सकारात्मक जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को कश्मीरियों की आवाज सुननी होगी। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद कहते थे कि भले ही हम सोने की सड़कें और चांदी के पुल बनाएं लेकिन अगर कश्मीर मुद्दा हल नहीं हुआ तो उनका कोई फायदा नहीं होगा। विकास अच्छा है लेकिन बातचीत आपको क्षेत्र और दक्षिण एशिया में शांति के लिए एक राजनेता बना सकती है। कश्मीर में शांति आगे का रास्ता दिखा सकती है। महीने के अंत में ईद से पहले राजनीतिक बंदियों की रिहाई का आह्वान करते हुए महबूबा ने कहा कि कैदियों को रिहा करना पहला वास्तविक विश्वास निर्माण उपाय होगा जो कश्मीर के लोगों को सुलह और उपचार का एक मजबूत संदेश देगा। पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने भी पाकिस्तान के साथ बातचीत और लोगों से लोगों के बीच संबंध को बढ़ावा देने के लिए होसबले के रुख का समर्थन किया और कहा कि इस तरह की बातचीत महत्वपूर्ण है।

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