कंबोडिया मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में एनआईए ने की तीन राज्यों में छापेमारी
- DSS Admin
- Jul 07, 2026
नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में मंगलवार को बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छह स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
एनआईए के अनुसार, बिहार के गोपालगंज, सीवान, सारण और पूर्वी चंपारण जिलों में एक-एक स्थान तथा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में एक-एक स्थान पर तलाशी ली गई। ये सभी ठिकाने मामले में गिरफ्तार आरोपितों के सहयोगियों और फरार आरोपितों से जुड़े बताए गए हैं।
जांच एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई कंबोडिया में सक्रिय मानव तस्करी और साइबर गुलामी गिरोह की जांच के तहत की गई। गिरोह का कथित सरगना आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह अभी फरार है। एनआईए ने मई 2026 में आनंद कुमार सिंह और उसके चार सहयोगियों प्रह्लाद कुमार सिंह, अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इससे पहले फरवरी 2026 में अभय, अभिरंजन और रोहित को कंबोडिया से दिल्ली लौटने पर गिरफ्तार किया गया था।
जांच में सामने आया कि गिरोह भारतीय युवाओं को कंबोडिया में आकर्षक वेतन वाली वैध नौकरियों का झांसा देकर वहां भेजता था। कंबोडिया पहुंचने के बाद पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें साइबर ठगी में लिप्त कंपनियों के हवाले कर दिया जाता था।
एनआईए के मुताबिक, आनंद कुमार सिंह भारत में विभिन्न उप-एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से बेरोजगार और जरूरतमंद युवाओं की भर्ती करता था। इसके बाद अपने सहयोगियों की मदद से उन्हें विदेश भेजा जाता था।
पीड़ितों ने अपने बयान में बताया कि उन्हें कंबोडिया में साइबर ठगी करने वाली कंपनियों के लिए जबरन काम करने पर मजबूर किया जाता था। काम करने से इनकार करने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं। इसमें बिजली के झटके देना, जबरन बंदी बनाकर रखना तथा भोजन और पानी से वंचित करना शामिल था।
एनआईए ने कहा कि मामले में फरार आरोपितों और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है तथा जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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