डेढ़ करोड़ की लूट का पर्दाफाश, कंपनी के कर्मचारी ने ही रची थी साजिश, 11 दिन में आठ राज्यों में पीछा कर दबोचे गए आरोपित

नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। उत्तरी जिले की स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इंद्रलोक के पास हुई डेढ़ करोड़ रुपये की हथियारबंद लूट की वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो किशोरों समेत सभी आठ आरोपिताें को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपिताें के कब्जे से एक करोड़ 1.50 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और स्कूटी तथा अन्य सामान बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार 10 जून को शिकायतकर्ता नितिन अपने सहयोगी करण के साथ दो बैगों में करीब 1.50 करोड़ रुपये नकद लेकर स्कूटी से जा रहा था। जब वे जखीरा फ्लाईओवर के पास पहुंचे तो बिना नंबर की लाल पल्सर बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। एक बदमाश ने पिस्तौल तानकर दोनों बैग लूट लिए और फरार हो गया। इस संबंध में सराय रोहिल्ला थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त राजा बंथिया ने मंगलवार काे बताया कि पुलिस टीमों ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि बदमाश पश्चिम विहार से ही नकदी ले जा रहे कर्मचारियों का पीछा कर रहे थे। फुटेज से यह भी सामने आया कि वारदात में पल्सर बाइक के अलावा एक स्कूटी और मारुति स्विफ्ट कार का भी इस्तेमाल किया गया था।

वाहनों की पहचान के आधार पर पुलिस ने पहले दो किशोरों को पकड़ा। उनसे पूछताछ के बाद वीरेश उर्फ वीरू तक पहुंची। उसके बाद एक-एक कर पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने 20 जून को वीरेश, प्रॉपर्टी डीलर मनप्रीत उर्फ ट्विंकल और कंपनी कर्मचारी करण को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन मनप्रीत के पिता चरणजीत सिंह को भी दबोच लिया गया।

कंपनी के कर्मचारी ने ही दी थी नकदी की सूचना

जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के साथ चल रहा करण ही इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था। उसने लालच में आकर अपने नियोक्ता की नकदी के मूवमेंट और लोकेशन की जानकारी वीरेश व अन्य साथियों को दी थी। करण लगातार बदमाशों को लाइव लोकेशन भेज रहा था, जिसके आधार पर आरोपितों ने वारदात को अंजाम दिया।

जेल से छूटे बदमाश बने लूट के मुख्य किरदार

जांच के दौरान मारुति स्विफ्ट कार के जरिए पुलिस दो शातिर अपराधियों विक्की उर्फ गांजा और धीर सिंह तक पहुंची। वारदात के बाद दोनों दिल्ली छोड़कर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब होते हुए जम्मू पहुंच गए थे। पुलिस टीमों ने 11 दिन तक लगातार उनका पीछा किया और करीब 4000 किलोमीटर का सफर तय किया। आखिरकार दोनों को जम्मू से दिल्ली लौटते समय 22 जून को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपितों से कुल 1 करोड़ 1 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, स्कूटी और लूट की रकम से खरीदे गए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

कौन हैं आरोपित

गिरफ्तार आरोपिताें में विक्की उर्फ गांजा (41), धीर सिंह (43), वीरेश उर्फ वीरू (29), करण (26), मनप्रीत उर्फ ट्विंकल (30) और चरणजीत सिंह (56) शामिल हैं। इनमें विक्की पर नौ और धीर सिंह पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों नशे के आदी बताए गए हैं और हाल ही में जेल से बाहर आए थे। मामले में दो किशोरों को भी पकड़ा गया है, जिन्होंने अपराधियों को बाइक और स्कूटी उपलब्ध कराई थी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाल के वर्षों में राजधानी में हुई सबसे बड़ी नकदी लूट की वारदातों में से एक थी, जिसका सफल खुलासा तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार अंतरराज्यीय पीछा करने के कारण संभव हो सका।

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