
देहरादून, 18 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड में एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह योजना राज्य में एक अप्रैल से आरंभ होगी। योजना के मुताबिक राजकीय विभागों में तैनात कर्मचारियों को यह नई पेंशन योजना अवकाश प्राप्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी। वित्त सचिव डॉ पी ष्णगुगम ने अधिसूचना राज्यपाल द्वारा अंगीकृत किए जाने के बाद लागू की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद एक स्थिर और सुरक्षित जीवन प्रदान करना है। योजना का लाभ 1 जनवरी, 2004 के बाद सरकारी सेवा में शामिल हुए कर्मचारियों व अधिकारियों को लाभान्वित करेगी। योजना के तहत 25 साल की सेवा के बाद, सेवानिवृत्ति से पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत वेतन का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलेगा। न्यूनतम पेंशनर 10 साल की सेवा के बाद 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी। पारिवारिक पेंशन कर्मचारी की मृत्यु होने पर, उनके परिवार को उनकी पेंशन का 60 फीसदी पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा। नई पेंशन योजना में वित्त पोषण 10 प्रतिशत कर्मचारी व 18.5 का योगदान सरकार का होगा।
अन्य विशेषताएं
-यह योजना मुद्रास्फीति से सुरक्षित है।
-यह योजना सेवा के प्रत्येक पूर्ण छह महीने के लिए सेवानिवृत्ति की तिथि पर मासिक पेंशन राशि (वेतन प्लस डीए) का 10 फीसदी भी सुनिश्चित करती है।
-पुरानी और नई पेंशन योजना से अंतर
-यह योजना पुरानी पेंशन योजना के समान है, लेकिन यह वित्त पोषित नहीं है।
-योजना में कर्मचारी और सरकार दोनों योगदान करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pokhriyal