राजभवन में मनाया गया ओडिशा राज्य का स्थापना दिवस  

राजभवन में उड़ीसा प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति कार्यक्रम  प्रस्तुत करते।

देहरादून, 01 अप्रैल (हि.स.)। ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत‘‘ की भावना के तहत ओडिशा राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजभवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड में रह रहे ओडिशा के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और कला की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।

इस मौके पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने ओडिशा राज्य के नागरिकों को पूरे प्रदेश की ओर से राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि ओडिशा अपनी लोक संस्कृति, कला और संगीत के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के सुंदर समुद्री तट और प्राचीन मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पुरी में होने वाली जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा, वास्तुकला का अद्वितीय चमत्कार कोणार्क मंदिर और ‘मंदिरों का शहर’ भुवनेश्वर, यह सभी इस राज्य की समृद्ध परंपरा के परिचायक हैं। राज्यपाल ने कहा कि ओडिशा, प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील होने के बावजूद, आपदा प्रबंधन में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी शक्ति है। हर 20-25 किलोमीटर जाने पर पहनावा और व्यंजन बदल जाते हैं, भाषाएं और बोली बदल जाती हैं। हमें अपनी संस्कृति और पहनावे पर गर्व होना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार

   

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