गुजरात के साणंद में सीएजी सेमी की ओएसएटी सुविधा का शुभारंभ, प्रधानमंत्री मोदी बोले- हर साल 20 करोड़ चिप बनेंगी

अहमदाबाद/साणंद, 04 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के साणंद में सीजी सेमी की नई आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का उद्घाटन किया। इसके साथ गुजरात में पिछले कुछ महीनों के दौरान शुरू हुआ यह तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट भी उत्पादन से जुड़ गया है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस प्लांट में शुरुआती चरण में हर वर्ष लगभग 20 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन होगा। आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 500 करोड़ चिप प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले उन्होंने गुजरात में सेमीकंडक्टर उद्योग विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। आज इस क्षेत्र में मिली सफलता से उन्हें विशेष संतोष की अनुभूति हो रही है।

उन्होंने कहा कि भारत मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब देश केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ही नहीं बनाएगा बल्कि उन्हें संचालित करने वाली अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर चिप्स का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन करेगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), 5G और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में स्वीकृत 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में से तीन में अब व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने गुजरात सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए बताया कि मात्र 27 महीनों में यह अत्याधुनिक प्लांट तैयार कर लिया गया।

करीब 7,600 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह ओएसएटी सुविधा ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, 5G, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और औद्योगिक क्षेत्र के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग का कार्य करेगी। प्लांट के पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू होने पर अगले पांच वर्षों में लगभग 5,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं में शामिल यह सुविधा देश की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगी और वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को और सशक्त बनाएगी।

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