शराब की बिक्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, जम्मू-कश्मीर राज्य की बहाली की मांग

शराब की बिक्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, जम्मू-कश्मीर राज्य की बहाली की मांग की


जम्मू, 3 अप्रैल । मिशन स्टेटहुड के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने जानीपुर हाई कोर्ट रोड पर विरोध प्रदर्शन किया जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विधेयक लाने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर आबकारी विभाग के टेंडर की प्रतियां जलाईं जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में 300 नई शराब की दुकानें खोलने के लिए जारी किए गए हैं। ये दुकानें अप्रैल से चालू होने वाली हैं।

सभा को संबोधित करते हुए डिंपल ने महिलाओं और जनता से अपने क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने का विरोध करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि ऐसी दुकानें आने वाली पीढ़ियों को बर्बाद कर देंगी। उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जनता की चिंताओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके 28 विधायक शराब प्रतिबंध और जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली पर चुप हैं जबकि उनका ध्यान केवल अपने वेतन पर है।

डिंपल ने पवित्र नवरात्रि उत्सव के दौरान जम्मू और अन्य जिलों में शराब और मांस की दुकानों को खुला रखने की अनुमति देने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने नई शराब की दुकानों के लिए टेंडर देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है जो अप्रैल 2025 में चालू होने वाली हैं। इस विरोध प्रदर्शन में अप्रैल से दरबार मूव को फिर से शुरू करने, 200 यूनिट बिजली, 12 एलपीजी सिलेंडर और सभी जम्मू-कश्मीर निवासियों के लिए दोगुना राशन देने की मांग भी की गई। डिंपल ने हाल ही में संसद में पारित वक्फ विधेयक का भी विरोध किया और इसे भारत में सांप्रदायिक विभाजन की ओर एक कदम बताया।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 7 अप्रैल तक शराब प्रतिबंध विधेयक पारित नहीं हुआ तो पूरे जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा डिंपल ने मांग की कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विधानसभा में जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 और 35-ए को बहाल करने में देरी पर बहस करें।

   

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