नीट परीक्षा रद्द होना युवाओं के भविष्य के साथ अपराध : राहुल गांधी

नई दिल्ली, 12 मई (हि.स.)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट‑यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने पर केंद्र सरकार निशाना साधते हुए कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार ने युवाओं का भविष्य खतरे में डाल दिया है।

राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे और लाखों बच्चों ने रात‑रात भर जागकर पढ़ाई की, लेकिन बदले में उन्हें मिला पेपर लीक और भ्रष्टाचार। यह केवल नाकामी नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।

उन्होंने कहा कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर शिक्षा का मतलब परिश्रम से नहीं बल्कि पैसे और पहुंच से तय होगा तो फिर शिक्षा का महत्व क्या रह जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के अमृतकाल को देश के लिए विषकाल करार दिया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने नीट‑यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करते हुए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। एजेंसी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर यह निर्णय लिया है। साथ ही केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। एनटीए ने कहा कि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड का कार्यक्रम जल्द घोषित किया जाएगा।

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