राहुल गांधी ने नीट-यूजी पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। नीट-यूजी परीक्षा पत्र लीक मामले को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उनका इस्तीफा मांगा है।

राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि वर्ष 2024 और 2026 दोनों में नीट परीक्षा पत्र लीक हुआ लेकिन शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार जांच एजेंसियों और समितियों के गठन के बावजूद परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं हो पा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2024 में नीट परीक्षा पत्र लीक हुआ था, परीक्षा रद्द नहीं हुई, मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। वर्ष 2026 में भी परीक्षा पत्र लीक हुआ, परीक्षा रद्द करनी पड़ी, फिर से सीबीआई जांच कर रही है और एक अन्य समिति गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा पत्र लीक क्यों हो रहे हैं, इस मुद्दे पर सरकार चुप क्यों है और लगातार विफल हो रहे शिक्षा मंत्री को पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी। जांच एजेंसी ने मामले में अब तक कई आरोपितों की गिरफ्तारी की है। जांच में प्रश्नपत्र लीक, अभ्यर्थियों से धन वसूली और विशेष कोचिंग सत्रों के माध्यम से प्रश्न उपलब्ध कराने जैसे आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कहा कि पुनर्परीक्षा की नई तिथियों और प्रवेश पत्र संबंधी जानकारी शीघ्र आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी। एजेंसी के अनुसार पहले से किया गया पंजीकरण, अभ्यर्थियों का विवरण और चयनित परीक्षा केंद्र पुनर्परीक्षा के लिए मान्य रहेंगे।

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